प्रोफेसर का फिल्मी अंदाज में अपहरण, चाकू की नोक पर लूटे पैसे, 48 घंटे में पुलिस ने किया साजिश का पर्दाफाश चार आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को अगवा कर चाकू की नोक पर धमकाने, मारपीट करने और उनके मोबाइल से डिजिटल पेमेंट के जरिए रकम ट्रांसफर कराने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में हुई इस वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से साजिश रचकर प्रोफेसर को निशाना बनाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 99,100 रुपये नकद, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और चाकू जब्त किया है।
तीन दिन पहले रची साजिश, सुनसान जगह पर प्रोफेसर को बनाया निशाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम जकेला निवासी 47 वर्षीय कपूर चंद गुप्ता 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे गांव के डीपापारा और शोभा राइस मिल के आसपास इवनिंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान थकान महसूस होने पर वह सड़क किनारे स्थित डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे। आरोप है कि इसी मौके को देखकर बदमाशों ने उन्हें घेर लिया, धक्का देकर गिराया और पकड़कर डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले गए। पुलिस जांच के अनुसार, 3 अक्टूबर को मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे। यहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रुपये ऐंठने की योजना बनाई। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम आरोपी मोटरसाइकिल से जकेला पहुंचे और अकेले बैठे प्रोफेसर को निशाना बना लिया।
आंखों पर पट्टी, चाकू की नोक पर खुलवाए डिजिटल पेमेंट के पासवर्ड
आरोपियों ने कथित तौर पर प्रोफेसर की आंखों पर पट्टी बांध दी और पेट, गर्दन व छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके साथ मारपीट कर मोबाइल फोन का पासवर्ड, गूगल पे और भीम यूपीआई से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली गई। आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल कर डिजिटल भुगतान के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। इसके लिए एक महिला के बैंक खाते का क्यूआर कोड मंगवाया गया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से पैसे भेजे गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित के खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट खत्म होने तक रकम निकालने की कोशिश की। वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने पीड़ित पर दबाव बनाकर उनके परिजनों से फोन पर सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि परिवार को अपहरण का शक न हो। इसके बावजूद परिजनों को बातचीत के दौरान कुछ गड़बड़ी महसूस हुई और उन्होंने अपने स्तर पर तलाश शुरू कर दी।
खरसिया की ओर ले गए, पंडरीपानी में बनाया बंधक
पुलिस जांच के अनुसार, रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले गए। कुछ देर रुकने के बाद उन्हें थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक सुनसान मकान के कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। यहां भी आरोपियों ने कथित तौर पर मोबाइल के जरिए क्यूआर कोड से भुगतान कराकर रकम अपने परिचित महिला के खाते में ट्रांसफर कराई। परिजनों को संदेह होने पर वे तलाश करते हुए ग्रामीणों के साथ पंडरीपानी पहुंच गए। उनके पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी प्रोफेसर को छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित को सकुशल मुक्त कराकर थाने लाया गया।
एसएसपी के निर्देश पर एक्शन, आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देश पर एएसपी अनिल सोनी और थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी जानकारी, पूछताछ, घेराबंदी और लगातार दबिश के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले सुनील सारथी को घटना के 24 घंटे के भीतर सारंगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके छोटे भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी की तलाश तेज की गई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर अपहरण और डिजिटल माध्यम से रकम ट्रांसफर कराने की पूरी वारदात का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया।
99,100 रुपये नकद, मोबाइल, चाकू सहित बाइक जब्त
पुलिस ने आरोपियों से कुल 99 हजार 1 सौ रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल फोन, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू तथा उसकी निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ थाना पुसौर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि शेष तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह पूर्व में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरण के इस मामले में पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराया गया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल डिजिटल लेन-देन, आरोपियों की भूमिका और जब्त सामग्री को लेकर आगे की विवेचना जारी है।
