सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत की सीबीआई जांच शुरू, हत्या का मामला दर्ज
बिलासपुर : केंद्रीय जेल बिलासपुर में विचाराधीन बंदी श्रवण सूर्यवंशी की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। जांच टीम ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर केस डायरी और न्यायिक जांच से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली। श्रवण सूर्यवंशी की मौत जनवरी 2024 में सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। वह बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र के ग्राम मोहरा का रहने वाला था और आबकारी अधिनियम के मामले में गिरफ्तार होने के बाद 19 जनवरी 2024 से केंद्रीय जेल में बंद था।
पुलिस हिरासत में ले जाने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक 18 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे सीपत पुलिस श्रवण को शराब के कथित मामले में पकड़कर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद परिवार को उसके सिम्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली। 21 जनवरी की रात परिजनों को बताया गया कि श्रवण की तबीयत खराब होने पर उसे जेल से अस्पताल भेजा गया है। अगले दिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान श्रवण के साथ मारपीट की गई थी। पत्नी लहरा बाई सूर्यवंशी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में भी पुलिस द्वारा श्रवण को अपने साथ ले जाने की बात कही थी। परिवार का कहना है कि उन्हें इलाज के दौरान श्रवण से मिलने तक नहीं दिया गया।
जांच रिपोर्ट में सिर की गंभीर चोट का उल्लेख
मामले की न्यायिक जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निकसन डेविड लकड़ा ने की थी। 22 जुलाई 2024 को प्रस्तुत रिपोर्ट में पोस्टमार्टम, एफएसएल, हिस्टोपैथोलाजी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार श्रवण की मौत सिर में आई गंभीर चोट और उससे उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। चोट किसी कठोर और भोथरी वस्तु से लगने की संभावना भी बताई गई। जांच में शरीर में किसी रासायनिक जहर के पाए जाने की पुष्टि नहीं हुई। मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट में सिर की चोट के बाद कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई के हाथ में जांच
बंदी की मौत को लेकर परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए। अदालत ने सीबीआई को 13 अक्टूबर से पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। निर्देश के बाद सीबीआई की टीम ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर मामले से संबंधित रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। टीम ने केस डायरी और मजिस्ट्रियल जांच प्रतिवेदन की प्रति का अवलोकन किया है। आने वाले दिनों में जांच टीम पुलिस अधिकारियों, जेल से जुड़े कर्मचारियों, चिकित्सकों और मामले से संबंधित अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है।
पुलिस ने सौंपे दस्तावेज
बिलासपुर के एएसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि हिरासत में मौत के मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम सिविल लाइन थाने पहुंची थी। पुलिस की ओर से टीम को केस डायरी उपलब्ध करा दी गई है। अब मामले की आगे की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
श्रवण की मौत के करीब ढाई साल बाद शुरू हुई सीबीआई जांच से अब यह साफ होने की उम्मीद है कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके सिर में गंभीर चोट कैसे आई। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।
