बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा होगी अब और मजबूत, पूर्व सैनिकों की तैनाती की तैयारी

बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा होगी अब और मजबूत, पूर्व सैनिकों की तैनाती की तैयारी

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बाल संप्रेक्षण गृहों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। संस्थानों में सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेने की दिशा में राज्य शासन ने सैनिक कल्याण बोर्ड से पत्राचार किया है। यह जानकारी बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में दी गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बिलासपुर के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में 11 जुलाई की रात चौकीदार की हत्या के बाद इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई थी। आरोप है कि वहां रहने वाले चार नाबालिग लड़कों ने चौकीदार के साथ मारपीट की और बाद में हाथ-पैर बांधकर गला दबा दिया। घटना के बाद लोगों में आक्रोश देखने को मिला और धरना-प्रदर्शन भी किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश के बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई में लिया।

Read More जमीन के लिए पिता की जान का दुश्मन बना बेटा! खाना खाते वक्त हुआ विवाद, टंगिया से हमला कर हत्या का आरोप

26 संस्थानों में 156 पूर्व सैनिकों की जरूरत

Read More CG High Court: पंचायत कर्मचारियों की पेंशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिकाएं खारिज; जानिए कोर्ट ने क्या कहा

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष राज्य शासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से पेश शपथ-पत्र में बताया गया कि प्रदेश के बाल देखरेख और संप्रेक्षण गृहों में सुरक्षा बढ़ाने, सुरक्षा ऑडिट कराने तथा पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार के अनुसार प्रदेश के 26 संस्थानों में 156 पूर्व सैनिकों की तैनाती और उनकी सेवाएं लेने के संबंध में सैनिक कल्याण बोर्ड से जानकारी मांगी गई है। इससे संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

रात्रि गश्त से लेकर मॉक ड्रिल तक के निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस महानिदेशक और होमगार्ड्स महानिदेशक को संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को नियमित पेट्रोलिंग और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने, समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने और हर महीने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को भी कहा गया है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण

सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो कानून और मिशन वात्सल्य के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों, परामर्शदाताओं तथा हाउस मदर्स और हाउस फादर्स के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसका उद्देश्य संस्थानों में बच्चों की देखभाल के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाना है।

भागे बच्चों की तलाश भी जारी

सुनवाई के दौरान सरकार ने अलग-अलग संस्थानों से बच्चों के भागने की घटनाओं की जानकारी भी अदालत को दी। महासमुंद बाल देखरेख संस्थान से भागे आठ बच्चों में से पांच को बरामद कर लिया गया है, जबकि तीन की तलाश जारी है। इसी तरह बिलासपुर संस्थान से भागे चार बच्चों में से तीन को वापस लाया जा चुका है और एक बच्चे की तलाश की जा रही है।

केंद्र को भी बनाया जाएगा पक्षकार

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि जुवेनाइल और बाल संप्रेक्षण गृहों के प्रबंधन से संबंधित विषय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने 156 सुरक्षा गार्डों की तैनाती पर होने वाले वित्तीय भार और इसके लिए केंद्र या राज्य स्तर से मिलने वाली सहायता की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत शपथ-पत्र भी मांगा गया है।

24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही इस कार्यवाही से प्रदेश के बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। अब यह देखना होगा कि पूर्व सैनिकों की तैनाती और सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।

Tags:

Latest News

सीजेपी के तीन नेताओं की मुचलके की शर्तों पर रिहाई, एक साल तक शांति नहीं कर सकेंगे भंग सीजेपी के तीन नेताओं की मुचलके की शर्तों पर रिहाई, एक साल तक शांति नहीं कर सकेंगे भंग
छात्राओं की शिकायत पर मल्हार स्कूल में बड़ी कार्रवाई, प्राचार्य समेत तीन शिक्षक हटाए गए
15 घंटे ड्यूटी के साथ जिंदगी खत्म.... घर लौटने निकला लोको पायलट, ट्रेन से गिरा और खो दिए दोनों पैर
जहां देवी की मूर्ति नहीं, वहां पालने में होती है मां की पूजा, नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब
राजा होकर भी प्रजा से कर लेते थे बराबरी… महाराजा अग्रसेन की वह सोच, जो आज भी समाज को दिखाती है राह
गुमा सहकारी समिति में 3.38 लाख का गबन: चेक में कांटछांट कर निकाली रकम, आरोपी ब्रांच मैनेजर को बचाने सामने आए भाजपा नेता; गिरफ्तारी पर अटकाया रोड़ा
छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की विदेश में भी गूंज, ‘कोशल फैब’ से बुनकरों को मिली नई पहचान
बिना दस्तखत की सर्विस बुक, 50 के स्टांप पर नौकरी, डीईओ दफ्तर में अनुकंपा नियुक्ति पर हो गया खेल
सकरी से राजस्थान के लिए निकला 166 टन कोयला हुआ गायब, डेढ़ महीने से लापता चार ट्रक, ट्रांसपोर्टर समेत पांच पर एफआईआर
गन्ना किसानों को साय का बड़ा तोहफा, 425 रूपए प्रति क्विंटल होगी खरीदी, पुराने भुगतान पर भी मिलेगा बढ़ी दर का लाभ
बांग्लादेशी होने का शक पर 23 की गिरफ्तारी… फिर दस्तावेजों ने पलट दी पूरी कहानी, दो के निर्वासन की प्रक्रिया अब भी जारी
नवजात के अपहरण की कहानी में हो गया खेल, सुन पुलिस भी रह गई दंग