ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर माओवादियों के ठिकाने पर बड़ा एक्शन, जंगल से हथियार-विस्फोटकों का जखीरा बरामद
जगदलपुर। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे जंगलों में सुरक्षा बलों को माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। मलकानगिरी जिले के मथिली थाना क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान हथियारों, आईईडी, क्लेमोर माइन और माओवादी सामग्री से भरा डंप बरामद किया गया है।सुरक्षा बलों के मुताबिक, यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी अहम जानकारी
जानकारी के अनुसार, DVF की टीम को माओवादी गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिले थे। इसके बाद बुधवार तड़के मथिली थाना क्षेत्र के चेरकोटला, किर्मिती, कोटवापादर और कडाभाटा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।यह पूरा क्षेत्र छत्तीसगढ़ के बस्तर और सुकमा जिले की सीमा से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते सुरक्षा बलों के लिए यह इलाका खास तौर पर संवेदनशील माना जाता है।
जंगल में छिपाकर रखा था विस्फोटक सामान
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में छिपाकर रखा गया डंप मिला। इसमें तीन देसी बंदूकें, अलग-अलग क्षमता के कई आईईडी, दो क्लेमोर माइन, कोडेक्स वायर और माओवादी बैनर समेत अन्य सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा टीम ने बरामद सामान को सावधानीपूर्वक अपने कब्जे में लिया और विस्फोटक सामग्री को लेकर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
बॉर्डर इलाके में बढ़ाई गई निगरानी
ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जंगल लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में हथियार और विस्फोटकों का यह डंप मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इसे महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देख रही हैं। सुरक्षा बल अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद सामग्री किस उद्देश्य से जमा की गई थी और इसके पीछे माओवादी नेटवर्क से जुड़े कौन-कौन से लोग सक्रिय थे।
सर्च ऑपरेशन जारी
बरामदगी के बाद आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल संभावित ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और बरामद माओवादी सामग्री के स्रोत तथा उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
