छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की केरल में पीट-पीटकर हत्या, बांग्लादेशी समझकर किया गया हमला
सक्ती/केरल। केरल में काम की तलाश में गए छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मजदूर की कथित रूप से बांग्लादेशी समझकर की गई पिटाई के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान सक्ती जिले के करही गांव निवासी 40 वर्षीय रामनारायण बघेल के रूप में हुई है। वे लगभग एक सप्ताह पहले मजदूरी के उद्देश्य से केरल के पलक्कड़ जिले पहुंचे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल पुलिस ने आधार कार्ड के माध्यम से मृतक की पहचान कर सक्ती पुलिस को सूचित किया कि 19 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में शोक की लहर फैल गई है।
बांग्लादेशी होने के शक में की गई मारपीट
बताया जा रहा है कि पलक्कड़ में कुछ स्थानीय लोगों ने रामनारायण बघेल को घेर लिया और उन्हें बांग्लादेशी नागरिक होने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथ-मुक्कों से की गई इस पिटाई के दौरान उनकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस जांच जारी, पांच आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही केरल पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस प्रकरण में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
शव को पैतृक गांव लाने और मुआवजे की मांग
मृतक के परिजनों ने केरल सरकार और पुलिस प्रशासन से अब तक किसी प्रकार के मुआवजे की घोषणा न होने पर नाराजगी जताई है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, उचित मुआवजा देने और शव को उसके पैतृक गांव करही (जिला सक्ती) तक पहुंचाने की मांग की है। बताया गया है कि मृतक के कुछ परिजन केरल रवाना हो चुके हैं, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को वापस लाने की व्यवस्था की जा सके। यह घटना एक बार फिर देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और पहचान से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।
