शराब घोटाला: 22अफसरों के बैंक खाते फ्रीज और अब जेल भेजने की तैयारी, जल्द पेश होगा चालान

रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में ED ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस केस से जुड़े सभी 22 आरोपी आबकारी अधिकारियों के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। अब ये अफसर अपने खातों से एक रुपया भी नहीं निकाल पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की पूरी तैयारी कर ली है। बड़ी बात यह है कि सबूतों के आधार पर अगले कुछ ही दिनों में 4 से 5 बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। जांच में पता चला है कि घोटाले की काली कमाई को सफेद करने के लिए इन बैंक खातों का जमकर इस्तेमाल किया गया था।

 

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इन अफसरों पर गिरी गाज: पूरी लिस्ट हुई जारी

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घोटाले की आंच में झुलसने वाले अफसरों में प्रमोद नेताम और नीतू नोतानी समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा एलएस ध्रुव, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, अरविंद कुमार पाटले, दिनकर वासनिक, नोहर ठाकुर, नवीन प्रताप तोमर, विकास गोस्वामी, रामकृष्ण मिश्रा, मंजूश्री कसेर, विजय सेन, अनिमेश नेताम, मोहित जायसवाल, गंभीर सिंह नुरूटी, नीतिन खंडुजा, अश्वनी कुमार अंनत, अंनत कुमार सिंह, सोनल नेताम, गरीब पाल सिंह, सौरभ बक्शी, जेठूराम मंडावी, देवलाल वैद्य, प्रकाश पाल, अलेख कुमार सिदार, आशीष कोसम और राजेश जायसवाल के खातों पर ताला लग गया है।

 

शराब की बूंद-बूंद से बना अरबों का साम्राज्य

जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि यह कोई मामूली गड़बड़ी नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ सरकारी खजाने को लगाई गई चपत है। अधिकारियों ने अपनी ताकत का इस्तेमाल कर शराब की बिक्री में जमकर हेरफेर की। अब जब ईओडब्ल्यू ने शिकंजा कसा है तो इन अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता दस्तावेज जुटा लिए गए हैं। चालान पेश होते ही इन सभी की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी क्योंकि कई बेनामी संपत्तियों का खुलासा भी होने वाला है।

 

 

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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