खाकी पर लगा बकरे और 10 हजार में सौदेबाजी का दाग, नाबालिग के अपहरणकर्ता को छोड़ने के आरोप से मचा हड़कंप

कोरबा। न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास जाने वाले एक गरीब परिवार को तब गहरा झटका लगा जब पता चला कि उनकी मासूम बेटी की आबरू और भविष्य का सौदा थाने में बैठे दलालों ने ही कर दिया। कोरबा जिले के पसान थाने की पुलिस पर बेहद शर्मनाक आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस वालों ने एक नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता से 10 हजार रुपए और एक बकरे की रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया। हद तो तब हो गई जब पुलिस की इस साठगांठ के बाद घर लौटी नाबालिग महज आधे घंटे के भीतर फिर से लापता हो गई। अब डरे-सहमे परिजन न्याय की गुहार लगाने एसपी दफ्तर पहुंचे हैं।

बाजार से गायब हुई थी बेटी, थाने में चला रिश्वत का खेल

यह पूरी कहानी 26 नवंबर को शुरू हुई थी जब एक नाबालिग लड़की साप्ताहिक बाजार गई और वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की तो पता चला कि शनि नाम का एक युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पसान थाने में केस दर्ज हुआ और पुलिस ने 2 जनवरी को लड़की को बरामद कर परिजनों को थाने बुलाया। लगा कि अब इंसाफ होगा, लेकिन असल खेल तो थाने के भीतर ही रचा जा चुका था।

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एसआई और आरक्षक पर लगे गंभीर आरोप

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पीड़िता ने घर लौटने के बाद जो बताया उसने माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसका दी। परिजनों के अनुसार बेटी ने खुलासा किया कि एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने आरोपी शनि से 10 हजार रुपए नगद लिए हैं और साथ ही एक बकरे की भी डिमांड की है। पुलिस वालों ने लड़की को यह पट्टी पढ़ा दी थी कि कोर्ट में बयान होने के बाद वह वापस आरोपी शनि के पास ही जा सकती है। यही वजह रही कि घर पहुंचने के आधे घंटे बाद वह फिर से कहीं चली गई।

जांच के आदेश पर कार्रवाई का इंतजार

मामला गहराते देख पुलिस महकमे में भी खलबली मची हुई है। एडिशनल एसपी नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी बनाया है। नीतिश ठाकुर ने भरोसा दिलाया है कि जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

 

आरोपी और खाकी की साठगांठ पर उठ रहे सवाल

कोरबा पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब अपराधियों को पकड़ने के बजाय थाने में बकरे और चंद रुपयों के लिए सौदेबाजी होगी। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद से ही पसान थाना क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या उन वर्दीधारियों पर गाज गिरेगी जिन्होंने एक मासूम की जिंदगी का सौदा कर लिया।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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