Jagdalpur Jail Break: तीसरी बार जेल से फरार CAF का बर्खास्त जवान, सुरक्षा पर बड़ा सवाल
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है। जगदलपुर सेंट्रल जेल से एक सजायाफ्ता बंदी, जो पूर्व में CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) का बर्खास्त जवान रह चुका है, तीसरी बार जेल से फरार हो गया। बुधवार शाम हुई इस घटना ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक फरार कैदी की पहचान 32 वर्षीय महेंद्र दीवान के रूप में हुई है, जो कांकेर का रहने वाला है। वह चोरी के मामले में सजा काट रहा था और पिछले करीब पांच महीनों से जगदलपुर केंद्रीय कारागार में बंद था। बताया जा रहा है कि उसने जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार होने में सफलता हासिल की, जो सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।
घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचित किया। थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत के अनुसार, आसपास के इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस और जेल विभाग की संयुक्त टीम देर रात तक संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
इस पूरे मामले को और गंभीर इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि महेंद्र दीवान पहले भी दो बार जेल से फरार हो चुका है। वह दंतेवाड़ा और कांकेर जिला जेल से भी भाग चुका है। इतना ही नहीं, कुछ समय पहले इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज डिमरापाल ले जाने के दौरान भी वह सुरक्षा घेरे से निकल गया था, हालांकि बाद में उसे पकड़ लिया गया था।
बताया जाता है कि चोरी के मामले में उसे पांच साल की सजा सुनाई गई थी और 4 जनवरी 2026 को उसे दंतेवाड़ा जिला जेल से जगदलपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। बावजूद इसके, बार-बार फरारी की घटनाएं जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
अब इस घटना के बाद न सिर्फ फरार कैदी की तलाश तेज कर दी गई है, बल्कि जेल प्रशासन की जवाबदेही भी तय होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद एक ही कैदी बार-बार कैसे फरार हो रहा है।
