‘डबल इंजन’ की रफ्तार से बदलेगा बंगाल! CM बनते ही सुवेंदु अधिकारी के 6 बड़े फैसले, BSF से आयुष्मान तक एक्शन मोड में सरकार
कोलकाता: कोलकाता में नई सरकार बनने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाकर साफ संकेत दे दिया कि राज्य में अब प्रशासनिक और विकास मॉडल नई दिशा में आगे बढ़ेगा। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद हुई इस बैठक में सुरक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और शरणार्थी अधिकार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद कहा कि बंगाल में अब “डबल इंजन सरकार” के जरिए केंद्र और राज्य मिलकर तेज विकास सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और मतदाताओं का आभार जताया। साथ ही चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले 321 लोगों के मामलों की जांच कराने और प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने की घोषणा भी की गई।-1778489428219_v.webp)
नई सरकार के सबसे बड़े फैसलों में आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करना शामिल है। लंबे समय से राज्य में लंबित इस योजना के लागू होने से लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF को सीमावर्ती इलाकों में बाड़बंदी हेतु 45 दिनों के भीतर जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है।
सरकार ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने की मंजूरी दी है। साथ ही सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर देने के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही बेहतर हो सके।
इसके अलावा विस्थापितों और शरणार्थियों को भूमि अधिकार देने के फैसले को भी नई सरकार का बड़ा राजनीतिक और सामाजिक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी सरकार शुरुआती फैसलों के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि बंगाल में अब कानून व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों पर तेजी से काम होगा। पहली ही कैबिनेट बैठक के फैसलों ने साफ कर दिया है कि नई सरकार शुरुआत से ही आक्रामक प्रशासनिक एजेंडे के साथ मैदान में उतर चुकी है।
