बिलासपुर में हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहे रेत माफिया अरपा नदी का सीना चीरकर निकाल रहे काला धन.. दोमुहानी ढेका में तो.......

बिलासपुर। न्यायधानी की जीवनदायिनी अरपा नदी इन दिनों रेत माफियाओं के चंगुल में है जहां कड़ाके की ठंड में भी अवैध उत्खनन का खेल रात दिन धड़ल्ले से चल रहा है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अरपा से रेत निकालने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है लेकिन रेत चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न कानून का डर है और न ही प्रशासन का खौफ। दोमुहानी से लेकर घुटकू तक नदी के भीतर बड़ी-बड़ी मशीनें और सैकड़ों ट्रैक्टर डंपर कतार लगाकर रेत की चोरी कर रहे हैं जिसका खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो से हुआ है।

साहब की नींद नहीं खुल रही और माफिया खाली कर रहे नदी

हैरानी की बात यह है कि जब शहर के लोग रजाई में दुबके होते हैं तब माफिया अरपा का सीना छलनी कर रहे होते हैं। दयालबंद, दोमुहानी और कोनी जैसे इलाकों में तो स्थिति यह है कि मानों वहां खनिज विभाग का नहीं बल्कि माफियाओं का शासन चल रहा हो। सूत्रों की मानें तो अफसरों की जेब गर्म होने की वजह से ही कार्रवाई की फाइलें दफ्तरों में दबी रह जाती हैं और माफिया बेखौफ होकर रेत की मंडी सजाए बैठे हैं।

Read More मक्का बीज खरीदी में बड़ा खेल: सीजन बीतने के बाद गुजरात की फर्जी कंपनी को सवा सौ क्विंटल ज्यादा का ऑर्डर

IMG-20251224-WA0039

Read More राजधानी में सड़क हादसा: भाजपा विधायक के बेटे ने बाइक सवार को कुचला, एक आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार, जांच में जुटी पुलिस

कमीशन के खेल में नदी का दम घुट रहा

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल बिना मिलीभगत के मुमकिन ही नहीं है। मोटी कमीशनखोरी के चलते खनिज विभाग का अमला इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि भारी वाहनों की आवाजाही से रात भर शोर मचता है और सड़कें खराब हो रही हैं। प्रशासन की यह चुप्पी बताती है कि शायद उनके लिए कोर्ट के आदेश से ज्यादा कीमती माफियाओं का नजराना है।

नियम कायदे सिर्फ कागजों तक ही सीमित

नदी से अवैध रेत निकालकर उसे ऊंचे दामों पर शहर के निर्माण कार्यों में खपाया जा रहा है। एक तरफ अरपा को बचाने के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट बन रहे हैं और दूसरी तरफ उसी नदी की बुनियाद को खोदकर खोखला किया जा रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश तो दिए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर अमला सुस्त नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कागजी घोड़ों से उतरकर माफियाओं पर असल में कब लगाम कसता है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: बाइक रेसिंग के दौरान नाले में गिरा नाबालिग, मौके पर गई जान

राज्य