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गुटखा किंग जुमनानी की 50 करोड़ की संपत्ति होगी अटैच: जीएसटी विभाग ने कमिश्नर को लिखा पत्र, बेटे सागर को पेश करने होंगे दस्तावेज
दुर्ग | दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी और उनके बेटे सागर जुमनानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जीएसटी विभाग ने जुमनानी परिवार की लगभग 50 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति को अटैच (जब्त) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने संपत्ति का पूरा ब्यौरा जुटाने के बाद अंतिम अनुमति के लिए जीएसटी कमिश्नर को पत्र लिखा है। आदेश मिलते ही कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिसके बाद विभाग नीलामी के जरिए टैक्स की वसूली कर सकता है।
317 करोड़ की पेनल्टी और अवैध कारोबार का मामला
उल्लेखनीय है कि जीएसटी विभाग ने पिछले दिनों जुमनानी के कोमल फूड्स समेत कई ठिकानों पर दबिश दी थी। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर विभाग ने जुमनानी पर 317 करोड़ रुपए की भारी-भरकम पेनल्टी लगाई है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गुरमुख जुमनानी पिछले 5 वर्षों से सितार ब्रांड के नाम से गुटखा बनाकर पूरे प्रदेश में सप्लाई कर रहा था। यह कारोबार पूरी तरह प्रतिबंधित और अवैध पाया गया है।
बेटे सागर को नोटिस, आज या कल पेश करने होंगे दस्तावेज
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद गुटखा किंग का बेटा सागर जुमनानी पिछले सप्ताह जीएसटी विभाग के समक्ष पेश हुआ था। उसने दस्तावेजों की तैयारी के लिए समय मांगा था। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सागर को 23 या 24 फरवरी को व्यवसाय से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड पेश करने हैं कोमल फूड्स द्वारा खरीदी गई सामग्री के इनवॉइस और विगत 5 वर्षों का स्टॉक रजिस्टर। इसमें शामिल है इन दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच के बाद ही टैक्स का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा और वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मीठी सुपारी के नाम पर चल रहा था गुटखे का खेल
विभागीय जांच में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि सागर जुमनानी की फर्म कोमल फूड्स केवल मीठी सुपारी बनाने के लिए पंजीकृत है। लेकिन जब भी विभाग ने वहां छापेमारी की, फैक्ट्री से सितार गुटखा के रैपर और तंबाकू मिश्रित सामग्री बरामद हुई। अवैध कारोबार की गंभीरता को देखते हुए खाद्य विभाग भी अब तक 6 बार कार्रवाई कर चुका है और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है।
सूत्रों के अनुसार विभाग ने दुर्ग, धमधा, अंडा, चंदखुरी और राजनांदगांव जैसे इलाकों में जुमनानी की जमीनों और अन्य संपत्तियों को चिन्हित किया है। इन सभी की बाजार दर 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
