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खबर का असर रायपुर में 39 लाख की ठगी 135 दिन बाद हुई एफआईआर पर पुलिस और ठग की मिलीभगत उजागर गिरफ्तारी के बजाय खुलेआम क्रिकेट खेल रहा आरोपी
रायपुर। राजधानी में 39 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में खबर का बड़ा असर हुआ है। 135 दिनों तक थानों के चक्कर काटने और आला अफसरों से गुहार लगाने के बाद आखिरकार मोदहापारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। लेकिन इस मामले में अब पुलिस और आरोपी मोहम्मद इमरान नवाब के बीच सीधे तौर पर मिलीभगत की बात सामने आ रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बेखौफ आरोपी खुलेआम मैदान में क्रिकेट खेलता नजर आया है जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एफआईआर के वक्त भी एसआई को आ रहे थे फोन
सूत्रों के अनुसार आरोपी इमरान लगातार पुलिस के संपर्क में बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक जब थाने में एफआईआर लिखी जा रही थी ठीक उसी वक्त जांच अधिकारी एसआई के मोबाइल पर आरोपी का कॉल आया। आरोप है कि अधिकारी फोन पर उससे बात कर रहे थे और थाने की हर हलचल की जानकारी उसे दे रहे थे। पीड़ित की शिकायत के बाद से ही आरोपी और पुलिस के बीच लगातार फोन पर बातचीत हो रही है।
थानेदार के चेंबर में कट रहा घंटों समय
पीड़ित का कहना है है कि मोदहापारा टीआई और एसआई आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। आरोपी पुलिस अधिकारियों के साथ घंटों उनके दफ्तर में समय बिता चुका है। आरोप है कि पुलिस उसे कानूनी दांवपेच समझा रही है ताकि वह इस मामले से आसानी से बच सके। पुलिस के इस रवैये के कारण अब यह आशंका जताई जा रही है कि अगर तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई तो आरोपी शहर छोड़कर फरार हो जाएगा।
कमिश्नरेट लागू फिर भी पुलिस मौन सीडीआर जांच जरूरी
रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू है जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को सख्त और तेज करना था। इसके बावजूद 39 लाख की ठगी के मामले में 135 दिन तक पुलिस का शांत रहना कई बड़े सवाल खड़े करता है। पीड़ित को आजमगढ़ से गुंडे बुलाकर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि आरोपी इमरान नवाब और मोदहापारा थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों के मोबाइल की कॉल डिटेल्स यानी सीडीआर की बारीकी से जांच हो। इससे साफ हो जाएगा कि इस अपराध में कौन कौन से अधिकारी आरोपी के साथ मिले हुए हैं।
मशीन के नाम पर हुई थी ठगी
गौरतलब है कि पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज की गुरु नानक चौक में फर्नीचर की दुकान है। आरोपी का उनकी दुकान पर अक्सर आना जाना था। इसी जान पहचान का फायदा उठाते हुए इमरान ने शाहनवाज को एक कमर्शियल मशीन बेचने का झांसा दिया। 39 लाख रुपए में सौदा तय हुआ और शाहनवाज ने पूरी रकम चुका दी। लेकिन पैसे मिलने के बाद आरोपी ने वह मशीन किसी और को बेच दी।

ठगी के बाद खेल रहा क्रिकेट
एक तरफ पीड़ित कारोबारी मोहम्मद शाहनवाज न्याय के लिए 135 दिन से भटक रहा है और जान से मारने की धमकियो से पीड़ित है। वहीं दूसरी तरफ 39 लाख रुपए डकारने वाला आरोपी पूरी तरह आजाद है। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आज उसे खुलेआम क्रिकेट खेलते हुए देखा गया। यह स्थिति रायपुर पुलिस की साख पर बट्टा लगा रही है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
