तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक भूचाल, AIADMK में फूट; विजय सरकार को समर्थन देने पर सहमत हुआ बड़ा गुट

तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK अब गंभीर अंदरूनी संकट से गुजर रही है। पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K Palaniswami यानी EPS के खिलाफ पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। वरिष्ठ नेताओं S P Velumani और C Ve Shanmugam के नेतृत्व वाला बड़ा गुट मुख्यमंत्री Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को समर्थन देने के पक्ष में आ गया है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में शनमुगम ने कहा कि यह फैसला AIADMK के बहुमत विधायकों की राय के आधार पर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने DMK के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन पार्टी के अधिकांश विधायकों ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना था कि अगर AIADMK, DMK के साथ जाती तो पार्टी की पहचान और राजनीतिक अस्तित्व दोनों खतरे में पड़ जाते।
शनमुगम ने कहा कि AIADMK की राजनीति पिछले 53 वर्षों से DMK के विरोध पर आधारित रही है। ऐसे में DMK के साथ गठबंधन पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को स्वीकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए विधायकों ने TVK सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। साथ ही एसपी वेलुमणि को विधायक दल का नेता और जी हरि को उपनेता चुने जाने की भी घोषणा की गई।
वहीं एसपी वेलुमणि ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पार्टी को तोड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे केवल AIADMK को मजबूत और जीवित रखना चाहते हैं। दूसरी ओर पलानीस्वामी गुट लगातार दावा कर रहा है कि पार्टी अब भी उनके नेतृत्व में एकजुट है और 27 विधायक उनके साथ हैं।
सोमवार को विधानसभा में नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद दोनों गुटों ने अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन किया। पलानीस्वामी समर्थक 17 विधायकों का समूह कार्यवाहक अध्यक्ष से मिला और उन्हें पत्र सौंपकर EPS को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी दी। बाद में उनके समर्थकों ने दावा किया कि कुल 27 विधायक उनके साथ हैं।
इसके कुछ घंटे बाद वेलुमणि और शनमुगम समर्थक गुट भी सक्रिय हो गया। इस गुट ने भी कार्यवाहक अध्यक्ष को पत्र सौंपकर दावा किया कि बहुमत विधायकों ने वेलुमणि को विधायक दल का नेता चुना है। हालांकि इस गुट ने विधायकों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की।
इस राजनीतिक खींचतान के बीच TVK विधायक JCD Prabhakar को तमिलनाडु विधानसभा का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। इससे मुख्यमंत्री विजय की सरकार को शुरुआती मजबूती मिली है। अब मंगलवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि AIADMK का असली नियंत्रण किस गुट के हाथ में रहेगा और तमिलनाडु की राजनीति आगे किस दिशा में जाएगी।
