सड़क पर मौत बनकर दौड़ रही है लापरवाही, एसएसपी बोले- शराब पीकर गाड़ी चलाई तो खैर नहीं
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्ती शुरू कर दी है। जनवरी महीने को यातायात सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन करना ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने खासतौर पर युवाओं और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए चेतावनी भी जारी की है।
एसएसपी ने बताया कि देशभर में हर साल 1 लाख 77 हजार से ज्यादा लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। ये मौतें किसी बीमारी से नहीं बल्कि इंसानी लापरवाही की वजह से हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद चालान काटना नहीं बल्कि लोगों की जान बचाना है। अभियान के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और बिना हेलमेट सड़क पर निकलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने व्यापारियों से भी अपील की है कि वे सड़क की पटरियों पर सामान रखकर अतिक्रमण न करें। अतिक्रमण की वजह से सड़कें छोटी हो जाती हैं और जाम के साथ-साथ हादसे भी होते हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आंकड़ों की जुबानी: क्यों जरूरी है सावधानी
- 1,77,000 से ज्यादा मौतें: देश में हर साल सड़क हादसों में इतने लोग जान गंवाते हैं।
- युवाओं पर खतरा: सबसे ज्यादा हादसे तेज रफ्तार और नशे की हालत में गाड़ी चलाने से होते हैं।
- हेलमेट और बेल्ट: सिर की चोट हादसों में मौत का सबसे बड़ा कारण बनती है।
- अतिक्रमण: बाजार में लगने वाले जाम के कारण एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे खुद भी जागरूक बनें और दूसरों को भी नियमों के प्रति सचेत करें। आने वाले दिनों में बिलासपुर पुलिस शहर के अलग-अलग चौराहों पर चेकिंग अभियान और तेज करेगी।
