बांग्लादेशी होने का शक पर 23 की गिरफ्तारी… फिर दस्तावेजों ने पलट दी पूरी कहानी, दो के निर्वासन की प्रक्रिया अब भी जारी

बांग्लादेशी होने का शक पर 23 की गिरफ्तारी… फिर दस्तावेजों ने पलट दी पूरी कहानी, दो के निर्वासन की प्रक्रिया अब भी जारी

बिलासपुर : बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। जिन लोगों को संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखा गया था, उनमें से बचे चार को भी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद रिहा कर दिया गया है। इससे पहले 19 लोगों को छोड़ा जा चुका था। यानी अब तक पकड़े गए 23 लोगों में से 21 को राहत मिल चुकी है, जबकि अतीक हुसैन और हृदय शर्मा को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया जारी है। इस पूरे मामले में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन की सत्यापन रिपोर्ट अहम कड़ी बनकर सामने आई है।

संदेह के आधार पर कस्टडी में, फिर हुई दस्तावेजों की जांच

मामले की शुरुआत बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र से हुई, जहां पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में 23 लोगों को पकड़ा था। शुरुआती जांच में उनके दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए 4 सितंबर को सभी को रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कलेक्टर से पत्राचार किया। इसके बाद डीएम की ओर से नियुक्त एडीएम ने जांच कर रिपोर्ट भेजी। पहली रिपोर्ट मिलने के बाद 17 सितंबर को 19 लोगों को रिहा कर दिया गया। वहीं, शेष चार लोगों की सत्यापन रिपोर्ट 7 अक्टूबर को मिलने के बाद उन्हें भी छोड़ दिया गया। इस तरह दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद 23 में से 21 लोगों को रिहाई मिल गई।

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पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ट्रिब्यूनल पहुंचे थे लोग

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बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों ने पुलिस के सामने अपने दस्तावेज पेश किए थे। इसके बावजूद दस्तावेजों की वैधता पर संदेह जताते हुए उनकी पहचान का सत्यापन कराया गया और उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इस कार्रवाई से परेशान होकर संबंधित लोगों ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी। इसके बाद दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पुलिस ने मुर्शिदाबाद डीएम की रिपोर्ट और डिपोर्टेशन मैनुअल 2026 के प्रावधानों के तहत 21 लोगों को रिहा किया है। हालांकि, ट्रिब्यूनल में उनकी अपील पर सुनवाई अभी लंबित है। ऐसे में मामले का कानूनी पहलू अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

दो लोगों पर कार्रवाई, निर्वासन की प्रक्रिया जारी

इस पूरे घटनाक्रम में अतीक हुसैन और हृदय शर्मा के मामले में कार्रवाई अभी बाकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अतीक हुसैन लंबे समय से बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में रहकर एनटीपीसी में काम कर रहा था। संदिग्ध लोगों की धरपकड़ के दौरान उसके सरकंडा क्षेत्र में किराए के मकान में रहने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। निरीक्षक संजय शिंदे की टीम ने उसे गिरफ्तार कर रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा था। अब अतीक हुसैन और हृदय शर्मा को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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