22 साल पहले जोगी ने की थी फसल चक्र में बदलाव की बात,क्या इसी बदलाव की उम्मीद में था छत्तीसगढ़ ?

22 साल पहले जोगी ने की थी फसल चक्र में बदलाव की बात,क्या इसी बदलाव की उम्मीद में था छत्तीसगढ़ ?

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों फसल चक्र का पहिया मिसाइल की गति से पूरे छत्तीसगढ़ में चक्कर लगा रहा है। करीब 22 साल पहले 2003 में सूबे के पहले मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी ने एक सपना देखा था। उन्होंने गांव-गांव में जोगी डबरी खुदवाई और किसानों से कहा कि सिर्फ धान के भरोसे मत रहो, फसल बदलो तभी समृद्धि आएगी। उस वक्त विपक्ष दल भाजपा को इसमें किसान अहित नजर आता था, लेकिन आज वक्त का पहिया ऐसा घूमा है कि भाजपा सरकार खुद जल संरक्षण का हवाला देकर उसी राह पर चल पड़ी है। गौर करने वाली बात यह है कि फसल बदलने की इस कवायद के बीच बलरामपुर और दुर्ग जैसे जिलों में धान की जगह अफीम की लहलहाती खेती पकड़ी जा रही है। जोगी जी ने अन्य फसल उगाने की बात कही थी, लेकिन यहां तो माजरा ही बदल गया है।

जानकार बताते हैं कि 2003 में जब फसल चक्र परिवर्तन का कांसेप्ट आया, तब पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और थी। प्रदेश में उद्योगों को पैर पसारने के लिए भारी मात्रा में पानी चाहिए था। किसानों को धान से हटाकर कम पानी वाली फसलों पर लाने के पीछे एक मंशा उद्योगों को पानी देना भी थी। आज भी स्थिति में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है । उद्योगों को प्राकृतिक जल के उपयोग की पूरी छूट है, लेकिन किसानों पर धान न उगाने की पाबंदियां बढ़ रही हैं। बीते 14-15 सालों में किसानों की जेब कितनी भरी यह तो बहस का मुद्दा है, लेकिन सियासी दलों ने अपने स्टैंड जरूर बदल लिए हैं।

अजीत जोगी की वो बात अब एक अलग ही तरीके से साकार होती दिख रही है। स्व.जोगी चाहते थे कि किसान धान के अतिरिक्त कुछ और उगाएं कम पानी के उपजने वाली फसल उगाये और अब  बलरामपुर कुसमी और दुर्ग में जिस बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई है, उसने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।

Read More आबकारी बाबू का भौकाल: बिना आय गिने एसीबी ने पेश की खात्मा रिपोर्ट, शिकायतकर्ता ने भी पीछे खींचे कदम  

 दुर्ग जिले के एक ग्रामीण सूत्र ने बताया कि कम मेहनत और ज्यादा मुनाफे के चक्कर में लोग अब इस गलत राह पर चल पड़े हैं।

Read More ट्रेलर के पहियों के नीचे आई महिला, पति और मां गंभीर रूप से घायल, चालक वाहन समेत फरार

बलरामपुर के स्थानीय लोगों की मानें तो यहां चोरी-छिपे हो रही पैदावार से कुछ लोगों को रोजगार भी मिल रहा है और फसल चक्र भी बदल गया है।

बदल गई सियासी परिभाषा

2003 में जिस फसल परिवर्तन को भाजपा 'किसान विरोधी' बताकर कोसती थी, आज उसी फार्मूले को सरकारी अमला जमीन पर उतार रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब कांग्रेस की डबरी थी, अब भाजपा का जल संरक्षण है। पुराने दौर के नेता नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि जोगी जी की विजनरी सोच आज भाजपा राज में अलग रूप में दिख रही है। अब यह किसानों की खुशहाली है या मजबूरी, यह तो समय बयां करेगा। 

 

Tags:

Latest News

कुपवाड़ा में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा पूर्व आतंकी गिरफ्तार, हथियार बरामद कुपवाड़ा में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा पूर्व आतंकी गिरफ्तार, हथियार बरामद
गोलबाजार में दिनदहाड़े कारोबारी के बैग से 50 हजार पार! धमतरी से खरीदारी करने आया था व्यापारी, पुलिस ने शुरू की जांच
CG News: विकास के दावों के बीच मासूमों की प्यास का दर्द! स्कूल का हैंडपंप खराब, खेत-नाले का पानी पी रहे बच्चे
आरटीई पर चीफ जस्टिस सख्त, सरकार को 3 सप्ताह में देना होगा सीटों और दाखिल बच्चों का पूरा हिसाब  
मरीजों की सेहत से खिलवाड़ पर सख्ती! सिद्धार्थ हॉस्पिटल की फार्मेसी सील, एक्सपायरी इंजेक्शन मिलने पर लाइसेंस भी निलंबित
सत्य निकेतन PG हादसे में चौथी गिरफ्तारी, संचालक सुधांशु पकड़ा गया; आज कोर्ट में पेशी, जर्जर इमारत हटाने का काम शुरू
हाईवा से करता था वायर चोरी, 30 हजार के माल सहित आरोपी गिरफ्तार
जब सिस्टम नहीं बना सका रास्ता, ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान! चंदा जुटाया, श्रमदान किया और बना डाला आवागमन का रास्ता
दुर्ग-गोंदिया-नागपुर रेलखंड का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षित रेल परिचालन पर दिया जोर
बारिश ने खोल दी सड़क की पोल! नरदहा में गड्ढे बने आफत, बार-बार की मरम्मत से ग्रामीण परेशान
100 का प्रावधान, 345 आबादी पट्टे बांटने का दावा! आरंग की दरबा पंचायत में उठे सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग
डिलीवरी बॉय को घेरा, थप्पड़-मुक्के बरसाए… दुर्ग में मारपीट का VIDEO वायरल, कांग्रेस नेता पर आरोप, FIR दर्ज