बिलासपुर में आबकारी विभाग का बड़ा खेल माहौल रेस्टोरेंट के मालिक को बचाया कर्मचारी पर गिरी गाज
बिलासपुर में आबकारी विभाग की कार्रवाई पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार रात चकरभाठा रोड पर स्थित माहौल रेस्टोरेंट में आबकारी विभाग के उड़नदस्ते ने छापा मारा। यहां धड़ल्ले से बिना लाइसेंस शराब पिलाई जा रही थी। मौके से पांच रसूखदार लोग शराब पीते हुए पकड़े गए। साथ ही शराब परोसने वाला एक कर्मचारी भी पकड़ा गया। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बाद आबकारी अफसरों का रवैया बेहद संदिग्ध हो गया है। शहर में चर्चा है कि मोटी रकम का लेनदेन कर रेस्टोरेंट के असली मालिक को बचा लिया गया है।
जानकारी के अनुसार संभागीय उड़नदस्ता के एडीईओ मुकेश पांडेय के नेतृत्व में टीम ने देर रात माहौल रेस्टोरेंट और काली ढाबा पर यह दबिश दी थी। रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद अफसरों ने सिर्फ कागजी खानापूर्ति की। शराब परोसने वाले एक व्यक्ति और पीने वाले पांच लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 36 ए और 36 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया। असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
अफसरों ने पकड़े गए लोगों के नाम छिपाने शुरू कर दिए। उड़नदस्ता प्रभारी और प्रशिक्षु सहायक आयुक्त से जब पकड़े गए आरोपियों की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने नाम बताने से साफ इनकार कर दिया। वहीं कार्रवाई की कमान संभालने वाले मुख्य अधिकारी ने फोन उठाना ही बंद कर दिया। विभाग की तरफ से इस बड़ी कार्रवाई का कोई आधिकारिक ब्यौरा जारी नहीं किया गया। ना ही मौके का कोई फोटो या वीडियो सामने आया। इस चुप्पी से साफ जाहिर होता है कि आबकारी विभाग और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच गहरी सांठगांठ चल रही है। सारा दोष मैनेजर और छोटे कर्मचारी पर मढ़ दिया गया है।
बिलासपुर के रायपुर रोड स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां कार सर्विस का एक नया और खतरनाक ट्रेंड शुरू हो गया है। रईस और रसूखदार लोग अपनी लग्जरी कारों में बैठकर सरेआम शराब पीते हैं। ढाबा संचालक पुलिस और आबकारी विभाग के खौफ के बिना उन्हें कारों तक चखना और खाना पहुंचाते हैं। रात ढलते ही रायपुर रोड पर शराबियों की कारों की कतार लग जाती है। इससे सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से हादसों का खतरा बना रहता है। फिर भी जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। माहौल रेस्टोरेंट की घटना ने साबित कर दिया है कि अफसर सिर्फ दिखावे के लिए छोटे लोगों पर छापे मारते हैं। बड़े रसूखदारों और रईस कारोबारियों पर हाथ डालने से विभाग हमेशा बचता है।
