पेंड्रा: प्रदीप सोनी हत्याकांड में बड़ा एक्शन, 2 अंतरराज्यीय शूटर गिरफ्तार; हथियार बरामद
पेंड्रा/गौरेला।जिले के कोटमी में हुए बहुचर्चित सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी लूट और हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस के साथ 'जॉइंट ऑपरेशन' चलाकर फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। लगातार ठिकाना बदल रहे इन अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं। इनमें दो देसी कट्टे, चार कारतूस और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं।
सर्विलांस और मुखबिर से मिला सुराग
इस पूरे मामले में पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों का बार-बार लोकेशन बदलना था। जांच में पता चला कि आरोपियों को व्यापारी प्रदीप सोनी की दिनचर्या और कारोबार की सटीक जानकारी सीपत क्षेत्र में रहने वाले एक लोकल सहयोगी ने दी थी। इसी अहम सुराग के आधार पर साइबर सेल ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। 'ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस' के बेहतरीन तालमेल से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।
बिहार-झारखंड से हुई गिरफ्तारी
लगातार पीछा कर रही पुलिस टीम ने आखिरकार अंतरराज्यीय अपराधी सुजीत कुमार (उर्फ राजू दास) को बिहार के बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के केवटादार गांव से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरे शातिर अपराधी सतनाम कुमार दास (उर्फ संजय दास) को झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा थाना क्षेत्र से दबोचा गया।
लंबी है दोनों की क्राइम कुंडली
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन और पेशेवर अपराधी हैं। इनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। सतनाम दास के खिलाफ विभिन्न थानों में 5 मामले, जबकि सुजीत कुमार दास के खिलाफ 10 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। पूछताछ में गिरोह के अन्य मददगारों के बारे में भी पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं।
क्या था पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली घटना इसी साल 26 मई की है। पेंड्रा निवासी सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी कोटमी के साप्ताहिक बाजार गए हुए थे। इसी दौरान बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उन पर धावा बोलकर लूटपाट की कोशिश की। प्रदीप के विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर सीधे फायरिंग कर दी। गोली लगने से व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरुआत में ही तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया था।
अब तक 7 गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हत्याकांड के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की कार्रवाई जारी है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों और उन्हें पनाह देने वाले सहयोगियों की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी चल रही है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जल्द ही मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
