शिक्षिका से छेड़खानी में दोषी शिक्षक बर्खास्त, कोर्ट की सजा के बाद विभाग ने की कार्रवाई
बिलासपुर : महिला शिक्षिका से छेड़खानी और मारपीट के मामले में दोषी करार दिए गए शिक्षक विवेक गुप्ता पर आखिरकार शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी), तखतपुर की अदालत से एक साल के सश्रम कारावास की सजा मिलने के बाद बिलासपुर संभाग के जेडी ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षक की बर्खास्तगी 26 सितंबर 2026 से प्रभावशील मानी जाएगी। यानी जिस दिन अदालत ने सजा सुनाई, उसी तारीख से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
स्कूल में बदसलूकी, विरोध किया तो मारपीट
मामला 17 फरवरी 2018 का है। तखतपुर ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में सुबह करीब 11:30 से दोपहर 12 बजे के बीच महिला शिक्षिका के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना हुई थी। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि शिक्षक विवेक गुप्ता ने उनका हाथ खींचा, अशोभनीय तरीके से छुआ और गाली-गलौज की। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और दीवार की ओर धक्का दिया गया, जिससे सिर और चेहरे पर चोटें आई। शिकायत में तेजाब फेंकने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में पेश किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 26 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, तखतपुर की अदालत ने विवेक गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 के तहत दोषी ठहराया।
छेड़खानी में एक साल की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना
न्यायालय ने धारा 354 के तहत एक साल के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 323 के तहत एक हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया। इस तरह दोनों धाराओं में कुल दो हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया गया। अदालती अभिलेख के अनुसार, विवेक गुप्ता 7 अगस्त 2018 से 9 अक्टूबर 2018 तक कुल दो माह और दो दिन न्यायिक अभिरक्षा में भी रह चुके हैं।
फैसले के बाद विभाग का आदेश, पिछली तारीख से सेवा समाप्त
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी के 21 अक्टूबर 2026 के पत्र के आधार पर जारी कार्रवाई में विवेक गुप्ता, उच्च वर्ग शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेलमुंडी, विकासखंड तखतपुर को सेवा से पदच्युत कर दिया गया है। आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10(9) का उल्लेख करते हुए न्यायालय से दंडित होने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बर्खास्तगी 26 सितंबर 2026 से भूतलक्षी प्रभाव से लागू होगी और तत्काल प्रभावशील रहेगी। इसके साथ ही शिक्षक की सरकारी सेवा समाप्त करने का विभागीय निर्णय औपचारिक रूप से सामने आ गया है।

