पिकअप के गुप्त चेंबर में छिपे थे 4 करोड़ रुपये, आधी रात पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
दुर्ग : बाहर से सामान्य दिखने वाली एक पिकअप के अंदर करोड़ों रुपये छिपे होंगे, इसका किसी को अंदाजा भी नहीं था। लेकिन वाहन के पिछले हिस्से में बनाया गया गुप्त चेंबर पुलिस की नजर से बच नहीं सका। दुर्ग जिले में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक बोलेरो मैक्स पिकअप से चार करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में वाहन चालक और उसके साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी कहां से लाई गई थी और इसे नागपुर क्यों ले जाया जा रहा था।
मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा इलाके का है। पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे नियमित वाहन जांच के दौरान सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप क्रमांक सीजी 04 क्यो यू 5996 को रोका। वाहन रायपुर से नागपुर की ओर जा रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस को गाड़ी के पिछले हिस्से में कुछ गड़बड़ी नजर आई। जांच में पता चला कि वाहन के पिछले हिस्से को मॉडिफाई कर पूरी तरह बंद किया गया था।
बाहर से बंद, अंदर बना था नकदी छिपाने का ठिकाना
वाहन की तलाशी लेने पर उसके पिछले हिस्से में एक विशेष गुप्त चेंबर मिला। पुलिस ने जब इसे खोलकर देखा तो अंदर नोटों की गड्डियां रखी हुई थी। नकदी की गिनती की गई तो कुल रकम चार करोड़ रुपये निकली। वाहन में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए। पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर ली है और अब नकदी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
चालक, साथी से पूछताछ, नागपुर कनेक्शन की भी जांच
पुलिस ने पिकअप चालक भवेशभाई जीनाभाई डाभी और उसके साथी विष्णुदेव दुबे को हिरासत में लिया है। दोनों से नकदी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि रकम किसकी है, इसे किसने वाहन में रखवाया और नागपुर में इसे किसे सौंपा जाना था। शुरुआती जांच में नागपुर की दिशा में ले जाए जा रहे इस कैश का कनेक्शन सामने आने की जानकारी है, हालांकि रकम के वास्तविक स्रोत और गंतव्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध परिवहन के खिलाफ वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान यह कार्रवाई सामने आई। पुलिस अब नकदी से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और परिवहन के कारणों की जांच कर रही है। वित्तीय पहलुओं की पड़ताल के लिए आयकर विभाग को भी सूचना भेजी जा रही है।
