बिलासा एयरपोर्ट पर खड़ा रहेगा अलायंस एयर का विमान, दिल्ली से आएगी इंजीनियरों की टीम
बिलासपुर : बिलासा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान टायर फटने से क्षतिग्रस्त हुआ अलायंस एयर का विमान अभी जल्द उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है। विमान की तकनीकी जांच और मरम्मत की शुरुआती प्रक्रिया के लिए दिल्ली से कंपनी के चार इंजीनियरों की टीम बिलासपुर पहुंचने वाली है। टीम यहां दो से तीन दिन रुककर विमान का बारीकी से निरीक्षण करेगी और जरूरी तकनीकी काम पूरे करेगी। हालांकि, खराब हो चुके पुर्जो की उपलब्धता अब भी सबसे बड़ी अड़चन है। ये पुर्जे विदेश से मंगाए जाने हैं, ऐसे में विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार होने में अभी और वक्त लग सकता है।
गौरतलब हैं कि 28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची अलायंस एयर की फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान घटना हुई थी। रनवे पर उतरते ही विमान के बाई ओर का टायर अचानक पंचर हो गया। स्थिति को संभालने के लिए पायलट को तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़ा। विमान में उस समय 37 यात्री और चार क्रू मेंबर समेत कुल 41 लोग सवार थे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन विमान को हुए नुकसान के कारण कंपनी के सामने अब उसकी मरम्मत और दोबारा संचालन शुरू करने की चुनौती खड़ी है।
हैंगर में खड़ा विमान, पुर्जों का इंतजार
हादसे के बाद से ही क्षतिग्रस्त विमान बिलासा एयरपोर्ट के हैंगर में खड़ा है। कंपनी की ओर से खराब हुए पुर्जों के लिए आधिकारिक स्तर पर मांग भेजी जा चुकी है, फिलहाल बताए जा रहा हैं कि ये पार्ट्स भारत में उपलब्ध नहीं हैं, इन्हें विदेश से मंगाना होगा। दिल्ली से आने वाले इंजीनियर विमान का तकनीकी मुआयना करेंगे। शुरुआती जांच के साथ सर्विसिंग और जरूरी सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे। इसके बाद भी विमान को पूरी तरह उड़ान के योग्य बनाने के लिए संबंधित पुर्जों की उपलब्धता जरूरी होगी। यानी इंजीनियरों के आने से तकनीकी काम आगे बढ़ेगा, लेकिन विमान के दोबारा उड़ान भरने के लिए विदेशी सप्लाई पर निर्भर रहना होगा।
3 करोड़ का नुकसान, 4 महीने से नहीं भरा उड़ान
इस घटना से अलायंस एयर को करीब 3 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। विमान के क्षतिग्रस्त होने से उसके संचालन पर भी असर पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त एयरक्राफ्ट करीब 4 महीने तक उड़ान नहीं भर सकेगा। ऐसे में इंजीनियरों की टीम का निरीक्षण मरम्मत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, लेकिन विमान कब तक दोबारा सेवा में लौटेगा, यह खराब पुर्जों की आपूर्ति और उसके बाद होने वाली तकनीकी जांच पर निर्भर करेगा। फिलहाल बिलासा एयरपोर्ट के हैंगर में खड़े इस विमान को फिर से उड़ान के लिए तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इंजीनियरों की जांच के बाद तस्वीर कुछ साफ हो सकती है, लेकिन अंतिम मरम्मत के लिए जरूरी विदेशी पुर्जों का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है।
