साइबर ठगों का नया खेल, बचत खाते से 1.39 लाख क्रेडिट कार्ड में डाले, फिर 3 ट्रांजेक्शन कर उड़ाए पैसे, फ्लिपकार्ट पर हुई लाखों की खरीदी
बिलासपुर : साइबर ठगों ने अब ऑनलाइन ठगी का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसमें मोबाइल हैक करने के बाद सीधे बैंक खाते से रकम उड़ाने के बजाय पहले पैसे क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर किए गए और फिर ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई। बिलासपुर में एसईसीएल के एक रिटायर्ड कर्मचारी (66) इसी तरीके से ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उनके बचत खाते से 1 लाख 38 हजार रुपये से अधिक की रकम निकालकर फ्लिपकार्ट के जरिए भुगतान कर दिया। मामले की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल हुआ हैक, खाते से निकल गए पैसे
राजकिशोर नगर के कल्याण बाग निवासी भक्तिमय चौधरी (66) एसईसीएल से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद मोबाइल ठीक से काम नहीं कर रहा था। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि मोबाइल में आई इस परेशानी के पीछे साइबर ठगी का खेल चल रहा है। शाम करीब 6 बजे जब उन्होंने अपने बैंक का मोबाइल ऐप खोलकर खाते की जानकारी देखी, तो उनके होश उड़ गए। खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 65 हजार रुपये और 73 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इस तरह कुल 1 लाख 38 हजार रुपये की रकम खाते से गायब हो गई।
पहले क्रेडिट कार्ड में डाले पैसे, फिर फ्लिपकार्ट पर भुगतान
ठगी का पता चलते ही चौधरी ने उसी रात साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें रकम वापस नहीं मिली। अगले दिन वे बैंक पहुंचे और तारबाहर स्थित साइबर क्राइम ब्रांच में मामले की जानकारी दी। बैंक स्टेटमेंट की जांच के दौरान ठगी के लेन-देन का तरीका सामने आया। जांच में पता चला कि बचत खाते से निकाली गई रकम पहले उनके क्रेडिट कार्ड में जमा की गई। इसके बाद क्रेडिट कार्ड के जरिए 40,918 रुपये, 65 हजार रुपये और 32 हजार रुपये के तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इन भुगतानों के जरिए फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड को रकम भेजी गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
मोबाइल हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड के जरिए रकम निकालने के मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अब पुलिस संदिग्ध ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
