एक साल में करीब 47 अपचारी बालक फरार, अब दीवारों पर कंटीले तारों की घेराबंदी, खिड़की, दरवाजे और रोशनदान भी किए जा रहे मजबूत

एक साल में करीब 47 अपचारी बालक फरार, अब दीवारों पर कंटीले तारों की घेराबंदी, खिड़की, दरवाजे और रोशनदान भी किए जा रहे मजबूत

अंबिकापुर : अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी की सुरक्षा व्यवस्था से बार-बार फरार होनी की घटना सामने आती रही हैं। कभी खिड़की उखाड़कर, कभी दरवाजा तोड़कर तो कभी रोशनदान से निकलकर अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस साल अब तक करीब 47 अपचारी बालक इन दोनों संस्थानों से फरार हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। दोनों संस्थानों की बाहरी दीवारों के ऊपर कंटीले तार लगाए गए हैं, वहीं भवन के भीतर खिड़कियों, दरवाजों और रोशनदानों की जांच कर उन्हें भी मजबूत कराया गया है।

कंटीले तारों से घिरी दीवारें, भीतर भी सुरक्षा मजबूत

लगातार फरारी की घटनाओं को देखते हुए अब दोनों संस्थानों की बाहरी दीवारों को कंटीले तारों से घेरा गया है। जिन दीवारों को फांदकर अपचारी बालक बाहर निकल जाते थे, वहां अब अतिरिक्त अवरोध तैयार किया गया है। इसके अलावा भवन के भीतर खिड़कियों, दरवाजों और रोशनदानों की भी जांच कर उन्हें मजबूती से लगवाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि यदि कोई बालक मुख्य भवन से बाहर निकलने में सफल भी हो जाए, तो उसके लिए संस्थान की बाहरी सीमा पार करना आसान न रहे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।

Read More कोरिया में 12 दिनों से हाथियों का डेरा, धान की फसल बर्बाद; रातभर पहरा दे रहे किसान

कलेक्टर-एसएसपी के निरीक्षण के बाद बढ़ी सख्ती

Read More रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर, नवंबर-दिसंबर में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, उत्कल एक्सप्रेस का बदलेगा रूट, बिलासपुर-दुर्ग सहित इन ट्रेनों पर पड़ेगा असर

लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने दोनों संस्थानों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बच्चों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए गए थे। इससे पहले प्लेस ऑफ सेफ्टी के एक अधीक्षक को लापरवाही के चलते निलंबित भी किया जा चुका है।

फरार बच्चों को पुलिस ने पकड़ा, कई स्वजन के साथ लौटे

संस्थानों से फरार होने वाले अधिकांश अपचारी बालकों को पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि कुछ बच्चे अपने स्वजनों के साथ स्वयं वापस लौट आए। कई मामलों में स्वजन बच्चों को समझाकर वापस संस्थान तक पहुंचाते हैं। लगातार सामने आई घटनाएं यह बताती हैं कि केवल दीवारों और दरवाजों को मजबूत करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि संस्थानों के भीतर निगरानी, सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।

Tags:

Latest News

एक साल में करीब 47 अपचारी बालक फरार, अब दीवारों पर कंटीले तारों की घेराबंदी, खिड़की, दरवाजे और रोशनदान भी किए जा रहे मजबूत एक साल में करीब 47 अपचारी बालक फरार, अब दीवारों पर कंटीले तारों की घेराबंदी, खिड़की, दरवाजे और रोशनदान भी किए जा रहे मजबूत
दीपावली पर नहीं चलेगी बाजारों में मनमानी, सड़क पर टेंट-सामान लगाया तो बढ़ेगी मुश्किलें  
शिक्षिका से छेड़खानी में दोषी शिक्षक बर्खास्त, कोर्ट की सजा के बाद विभाग ने की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 102 वनक्षेत्रपालों के तबादले
निर्माण कार्यों में तेजी लाने PWD ने किए 91 उप अभियंताओं के तबादले
शिक्षकों के डेटा पर किसकी नजर? साइबर ठगों के निशाने पर पूरा शिक्षक वर्ग
बिलासा एयरपोर्ट पर खड़ा रहेगा अलायंस एयर का विमान, दिल्ली से आएगी इंजीनियरों की टीम
धान बेचने जा रहे किसानों के लिए जरूरी खबर, अब OTP से नहीं होगा सत्यापन
पिकअप के गुप्त चेंबर में छिपे थे 4 करोड़ रुपये, आधी रात पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
अमृतसर से चिट्टा लाकर बिलासपुर में ग्राहक तलाश रहा था तस्कर, पहुंच गई पुलिस
बिरयानी की चाह में युवक की हत्या, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, चाकू और बाइक जब्त
सत्ता की मलाई का संग्राम, प्रभारी मंत्री के खिलाफ अपनों ने ही खोला मोर्चा!