Durg Steel Plant Accident: सीढ़ियों पर आग की लपटों से घिरा शख्स, बचाने के लिए दौड़े लोग; दुर्ग के स्टील प्लांट हादसे में ठेकेदार की मौत
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई-रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेडी स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे मशीन से निकला 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी मौत हो गई। हादसे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आग की लपटों से घिरा एक व्यक्ति सीढ़ियों से नीचे भागता दिखाई देता है।
मशीन का नोजल नीचे आया, ठेकेदार पर गिरा पिघला लोहा
पुलिस के मुताबिक, संतोष कुमार श्रीवास्तव जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। 17 अक्टूबर की रात काम के दौरान टिंडिस मशीन के एक हिस्से का नोजल नीचे आ गया। इसी दौरान मशीन से निकल रहा पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया। लोहे का तापमान करीब 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस बताया गया है। हादसे में संतोष गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। 18 अक्टूबर को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव बिहार ले गए।
आग की लपटों के बीच सीढ़ियों से भागता दिखा व्यक्ति
हादसे से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा हुआ सीढ़ियों से नीचे की ओर भागता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी दिखाई देती है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम और हादसे की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बिहार के पूर्वी चंपारण के निवासी थे संतोष
संतोष कुमार श्रीवास्तव बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के श्यामपुर गांव के रहने वाले थे। वह रोजगार के सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए थे और बोरई औद्योगिक क्षेत्र स्थित इस्पात संयंत्र में ठेकेदारी का काम कर रहे थे। बताया गया है कि संबंधित प्लांट का निर्माण कार्य अभी जारी है, हालांकि इसके कुछ हिस्सों में काम शुरू हो चुका था। हादसा इसी कार्यरत हिस्से में हुआ।
दूसरे प्लांट में भी मजदूर की मौत का दावा
जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने कंपनी प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि करीब दो साल पहले कंपनी के एक अन्य प्लांट में भी एक मजदूर की जलने से मौत हुई थी। उनके अनुसार, उस घटना के बाद मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए धरना देना पड़ा था और विरोध के बाद परिवार को 10 लाख रुपये दिए गए थे। प्रिया साहू ने मौजूदा हादसे के संदर्भ में कंपनी के रवैये पर असंतोष जताया है। हालांकि, पिछली घटना और मुआवजे से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया
हादसे को लेकर कंपनी के मालिक अभिषेक गोयल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद कंपनी परिसर में जानकारी लेने की कोशिश की गई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कंपनी प्रबंधन ने इस मामले पर बात करने से इनकार कर दिया। फिलहाल, हादसे के कारणों, मशीन के संचालन और संयंत्र में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
अंजोरा चौकी में मर्ग दर्ज, पुलिस जांच जारी
भिलाई के एएसपी शोभराज अग्रवाल के अनुसार, मामले में अंजोरा चौकी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मर्ग दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और मौत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
