छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ‘सुपर बिजी डे’, दर्जनभर प्रतिवेदन पेश, ध्यानाकर्षण से अनुपूरक बजट तक रहेगा फुल एजेंडा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज का दिन बेहद अहम और व्यस्त रहने वाला है। सदन में एक ओर जहां विभिन्न आयोगों, विश्वविद्यालयों और समितियों के 12 से अधिक वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखे जाएंगे, वहीं दूसरी ओर ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, जनहित याचिकाओं और वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक बजटपर भी चर्चा होगी।
आयोगों और विश्वविद्यालयों के अहम प्रतिवेदन पेश
अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग का 17वां वार्षिक प्रतिवेदन (2023-24) सदन में प्रस्तुत करेंगे।
वहीं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित के वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंकेक्षण टीप एवं वित्तीय पत्रक पटल पर रखेंगे।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का 18वां वार्षिक प्रतिवेदन (2024-25) सदन के समक्ष रखेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग सहित संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे।
ध्यानाकर्षण में उठेंगे जमीन और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे नियम 138(1) के तहत विधायक विक्रम मंडावी बस्तर संभाग में आदिवासियों की जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री का गंभीर मुद्दा उठाएंगे।
वहीं विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों और निजी अस्पतालों द्वारा क्लेम सेटलमेंट और कैशलेस सुविधा में हो रही अनियमितताओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगी।
जनहित याचिकाएं और समितियों के प्रतिवेदन
विधायक कुंवर सिंह निषाद और भावना बोहरा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी कई जनहित याचिकाएं सदन में रखेंगी।
इसके अलावा अमर अग्रवाल सरकारी उपक्रम समिति के 16वें से 29वें तक के प्रतिवेदन, धर्मजीत सिंह याचिका समिति के द्वितीय और तृतीय प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
अनुपूरक बजट पर रहेगी सबकी नजर
आज सदन में एक और बड़ा फैसला होने जा रहा है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश करेंगे, जिस पर सदन और जनता—दोनों की निगाहें टिकी रहेंगी।
चुनाव और अन्य अहम कार्य
साथ ही स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति के लिए एक सदस्य का निर्वाचन भी किया जाएगा।
