- Hindi News
- छत्तीसगढ़
- प्रोटोकॉल पर रार: केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को नहीं मिली फॉलो गार्ड की गाड़ी, एसपी ने पूछी कैटेगरी त...
प्रोटोकॉल पर रार: केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को नहीं मिली फॉलो गार्ड की गाड़ी, एसपी ने पूछी कैटेगरी तो भड़के मंत्री तब अधिकारियों को देनी पड़ी सफाई
मुंगेली/जांजगीर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुंगेली और जांजगीर में प्रशासनिक लापरवाही के चलते मंत्री जी इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने आधा-अधूरा प्रोटोकॉल लेने से ही मना कर दिया। जांजगीर में तो पुलिस कप्तान द्वारा मंत्री की प्रोटोकॉल कैटेगरी पूछे जाने पर मामला और बिगड़ गया।
मुंगेली में पायलट मिली पर फॉलो गार्ड नदारद
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू जब अपने गृह जिले मुंगेली के दौरे पर पहुंचे तो वहां सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक देखने को मिली। नियम के मुताबिक केंद्रीय मंत्री के काफिले के आगे पायलट वाहन और पीछे फॉलो गार्ड की गाड़ी होनी चाहिए। लेकिन मुंगेली में उन्हें सिर्फ पायलट वाहन दिया गया और पीछे की सुरक्षा गायब थी। प्रोटोकॉल में इस कमी को देखकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ता देख मुंगेली एसपी भोज राम पटेल ने तुरंत मोर्चा संभाला। भोज राम पटेल ने बताया कि उन्होंने मंत्री के प्रोटोकॉल विभाग से चर्चा की और तुरंत जरूरी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई।
जांजगीर एसपी के सवाल पर गरमाया माहौल
विवाद का दूसरा हिस्सा जांजगीर जिले में सामने आया। यहां मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का बड़ा कार्यक्रम था। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान जांजगीर एसपी विजय पांडे ने केंद्रीय राज्य मंत्री की प्रोटोकॉल श्रेणी (कैटेगरी) को लेकर सवाल पूछ लिया। एक केंद्रीय मंत्री से उनकी सुरक्षा श्रेणी पूछना अपमानजनक माना गया और मंत्री ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अमले की इस संवेदनहीनता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासनिक चूक या जानकारी का अभाव?
एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों पर केंद्रीय मंत्री के साथ हुए इस व्यवहार ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिले के बड़े अफसरों को केंद्रीय मंत्रियों के निर्धारित प्रोटोकॉल की जानकारी न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुंगेली एसपी भोज राम पटेल ने बताया कि तकनीकी कारणों से शुरुआत में तालमेल की कमी रही जिसे बाद में सुधार लिया गया और मंत्री जी को पूरा प्रोटोकॉल दिया गया। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि जांजगीर एसपी विजय पांडे के व्यवहार से पार्टी के बड़े नेता भी खफा हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
