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रायगढ़ में अफीम की खेती: तस्करों का अजीब तर्क- 'खुद के नशे के लिए उगा रहे थे'; पत्थलगांव के व्यापारी से खरीदे बीज, हफ्तेभर में दूसरा मामला
रायगढ़. जिले में नशे का कारोबार अब छिपकर नहीं, बल्कि खुलेआम खेतों में हो रहा है। रायगढ़ जिला धीरे-धीरे नशे का गढ़ बनता जा रहा है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के 'नवीन घटगांव' में पुलिस ने अफीम की खेती का बड़ा भंडाफोड़ किया है। हैरानी की बात यह है कि हफ्ते भर के भीतर जिले में अफीम की खेती का यह दूसरा मामला है। तस्करों में पुलिस या कानून का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।
इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला एंगल आरोपियों का बयान और पत्थलगांव कनेक्शन है। पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए आरोपियों ने बड़ा ही हास्यास्पद तर्क दिया है। उनका कहना है कि वे अफीम की इतनी बड़ी खेती सिर्फ 'खुद के उपयोग' (पर्सनल यूज) के लिए कर रहे थे। वहीं, इससे भी बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आरोपियों ने अफीम के बीज पत्थलगांव के एक कृषि व्यापारी के यहां से खरीदे थे। आखिर एक आम खाद-बीज व्यापारी के पास नशे की खेती के बीज कहां से आ रहे हैं? क्या पत्थलगांव में खुलेआम अफीम के बीज बिक रहे हैं? यह सिस्टम और खुफिया तंत्र की बड़ी नाकामी की ओर इशारा करता है।
मुखबिर की सूचना और पुलिस का एक्शन
एसएसपी शशिमोहन सिंह को अल सुबह मुखबिर से नवीन घटगांव में अफीम की खेती की पक्की खबर मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने दो स्पेशल पुलिस टीमों को मौके पर रवाना किया। इन टीमों में आला अधिकारियों के साथ-साथ अनुभवी इंस्पेक्टर और एफएसएल (FSL) के एक्सपर्ट्स भी शामिल थे। पुलिस ने गांव में दबिश दी तो खेतों में अफीम की फसल देखकर दंग रह गई।
दो गिरफ्तार, एक चकमा देकर फरार
पुलिस की छापेमारी में तीन स्थानीय लोगों की संलिप्तता सामने आई है। इनके नाम जगतराम नाग, मनोज नाग और साधराम नाग हैं। पुलिस ने घेराबंदी करके दो आरोपियों को तो धर दबोचा, लेकिन तीसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पत्थलगांव के व्यापारी पर कसेगा शिकंजा?
आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में जो खुलासा किया है, वह जांच की दिशा बदल सकता है। अगर पत्थलगांव का कृषि व्यापारी अफीम के बीज बेच रहा है, तो यह किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है। क्या वह व्यापारी सिर्फ इन तीन लोगों को बीज बेच रहा था, या जिले भर में ऐसे कई और 'किसान' हैं जो गुपचुप नशे की फसल उगा रहे हैं?
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
