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छत्तीसगढ़ में प्रोफेसर भर्ती-पदोन्नति को रफ्तार, मंत्री टंकराम वर्मा का ऐलान, 595 की सीधी भर्ती शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मंगलवार को विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नति दी गई है। इसके साथ ही 595 प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है।
मंत्री वर्मा ने बताया कि प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था NAAC ग्रेडिंग में भी बेहतर स्थिति में है। राज्य के पांच विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन A+ और A ग्रेड के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2035 तक सकल नामांकन अनुपात (GER) को 27.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। इसके तहत पोषण शाला संपर्क अभियान भी शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि PM-उषा योजना के अंतर्गत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। बस्तर में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही 12 कॉलेजों को प्रत्येक 5-5 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने NASSCOM और नंदी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, फिशरीज और सेरिकल्चर जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये की छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन योजना के तहत चार वर्षीय B.Ed, ITEP और B.P.Ed पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
मंत्री वर्मा ने बताया कि राजस्व व्यवस्था में भी सुधार किए जा रहे हैं। भविष्य में भूमि से जुड़े कार्यों के लिए तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि व्यपर्तन प्रक्रिया के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पूर्व सरकार द्वारा बेची गई सरकारी जमीन की जांच जारी है। राज्य में 30 तहसीलदार और 15 नायब तहसीलदार के नए पदों को स्वीकृति दी गई है और तहसीलदारों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए 5 डिसमिल से कम भूमि के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के तहत TNC के प्रावधानों के अनुसार भूमि विक्रय की अनुमति दी जाएगी। अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए हाउसिंग बोर्ड को निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। अब तक 80 हजार हितग्राहियों को भूमि स्वामित्व कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जबकि आने वाले समय में 10 लाख हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड देने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री वर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में कंप्यूटर और प्रिंटर की व्यवस्था के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राजस्व विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजस्व विभाग में कई सुधार किए गए हैं और किसान ऋण पुस्तिका से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
