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झीरम घाटी कांड में नार्को टेस्ट की मांग बनी विवाद की वजह: दीपक बैज के निर्देश पर कार्रवाई, प्रवक्ता पद से हटाया विकास तिवारी को
रायपुर। (Jhiram Ghati Kand) झीरम घाटी नक्सल कांड को लेकर दिए गए बयान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी को महंगे पड़ गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने उनके बयान को पार्टी अनुशासन के खिलाफ मानते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया है। साथ ही पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
न्यायिक आयोग को पत्र लिखकर नार्को टेस्ट की मांग
दरअसल, विकास तिवारी ने हाल ही में झीरम घाटी कांड की जांच कर रहे न्यायिक जांच आयोग को एक पत्र भेजकर कांग्रेस और भाजपा के कुछ नेताओं का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। पार्टी नेतृत्व ने इस कदम को न केवल अनुशासनहीनता माना, बल्कि वरिष्ठ नेताओं के नामों को मीडिया में जोड़कर प्रचारित करना भी पार्टी लाइन का गंभीर उल्लंघन करार दिया।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर हुई कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि झीरम घाटी कांड की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी भाजपा सरकार पर है और कांग्रेस इस मुद्दे को पीड़ित परिवारों और प्रदेश की जनता के साथ मिलकर लगातार उठाती रही है।
पार्टी अनुशासन सर्वोपरि: कांग्रेस
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि संगठन के भीतर अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर व्यक्तिगत बयानबाजी या असंतुलित आरोप पार्टी की आधिकारिक नीति नहीं माने जा सकते। झीरम घाटी कांड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पार्टी एकजुट होकर लड़ाई जारी रखेगी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
