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चुनावी सफ़ाई की तैयारी में 5 लाख मतदाताओं पर नाम कटने की तलवार 1.33 लाख को नोटिस जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर में मतदाता सूची को अपडेट करने के कार्य तेजी पर है जिसके बाद अब करीब 5 लाख 11 हजार मतदाताओं के नाम कटने की नौबत आ गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और हजारों लोगों को नोटिस थमाना भी शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम फर्जी और निष्क्रिय वोटरों को हटाने के लिए उठाया जा रहा है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने की खबर ने शहर से लेकर गांव तक हड़कंप मचा दिया है।
साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग शहर से बाहर
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नाम कटने वालों में सबसे बड़ी तादाद उन लोगों की है जो अब जिले में नहीं रहते हैं। करीब 3 लाख 87 हजार मतदाता दूसरे जिलों में बस चुके हैं। वहीं 84 हजार मतदाता ऐसे हैं जिनकी मौत हो चुकी है लेकिन उनके नाम अब भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसके अलावा 23 हजार से ज्यादा लोग ऐसे मिले हैं जिनका वेरिफिकेशन ही नहीं हो पाया है।
कारण ये है कि कुछ बाहर रहते है। कुछ का पता अब तक BLO भी नहीं लगा पाए है।
नोटिस मिलते ही परिचय पत्र लेकर दौड़ रहे लोग
प्रशासन ने उन मतदाताओं पर सख्ती दिखाई है जिनका रिकॉर्ड साल 2003 की लिस्ट से मैच नहीं हो रहा है। जिले के निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि कैटेगरी सी में रखे गए 1 लाख 35 हजार 761 मतदाताओं में से 1 लाख 33 हजार 53 लोगों को नोटिस भेज दिया गया है। इनमें से 36 हजार लोगों को नोटिस मिल भी चुका है। अब इन लोगों को चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए 13 दस्तावेजों में से कोई एक सबूत दिखाना होगा वरना इनका वोट देने का अधिकार खत्म हो जाएगा।
आंकड़ों का खेल और मतदाताओं की श्रेणियों का गणित
रायपुर और बलौदाबाजार की आठ विधानसभा सीटों को मिलाकर कुल 14 लाख 89 हजार मतदाता हैं। प्रशासन ने इन्हें तीन हिस्सों में बांटा है। कैटेगरी ए में वो लोग हैं जो 2003 से वोटर हैं। कैटेगरी बी में वो हैं जिनके बुजुर्गों के नाम पुरानी लिस्ट में थे। सबसे ज्यादा परेशानी कैटेगरी सी वालों को हो रही है जिनके परिवार का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। प्रशासन का दावा है कि इससे चुनाव में पारदर्शिता आएगी लेकिन लोग परेशान हैं कि कहीं उनका नाम गलती से न कट जाए।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मृत लोगों के नाम तो सीधे हटा दिए जाएंगे लेकिन बाकी लोगों को अपनी बात रखने का मौका दिया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि जिन्हें भी नोटिस मिला है वे तुरंत अपने जरूरी कागजात जमा करें ताकि उनकी पात्रता बनी रहे। यह पूरी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि आने वाले चुनावों में सिर्फ वही लोग वोट डाल सकें जो वास्तव में रायपुर के निवासी हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
