छत्तीसगढ़ कोल घोटाला: 3 अक्टूबर को 35 आरोपियों पर EOW की फाइनल चार्जशीट, विधायक देवेंद्र यादव से भी पूछताछ
Chhattisgarh Coal Scam: 3 अक्टूबर को 35 आरोपियों पर फाइनल चार्जशीट, देवेंद्र यादव से पूछताछ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल घोटाला मामले में जांच अब एक अहम पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से मामले में फाइनल चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 3 अक्टूबर को विशेष अदालत में करीब 35 आरोपियों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट पेश की जाएगी। चार्जशीट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के साथ ही जांच एजेंसी उन आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्हें इस मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इसी क्रम में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव से भी EOW ने पूछताछ की है।
EOW कार्यालय में करीब दो घंटे हुई पूछताछ
देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए EOW कार्यालय बुलाया गया था। वहां जांच अधिकारियों ने उनसे करीब दो घंटे तक सवाल-जवाब किए। हालांकि, पूछताछ के दौरान किन बिंदुओं पर सवाल किए गए, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में अग्रिम जमानत प्राप्त अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। फाइनल चार्जशीट दाखिल किए जाने से पहले जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में जुटी है।
EOW के साथ ED भी कर रही मामले की जांच
छत्तीसगढ़ के कथित कोल घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। EOW की ओर से अब विशेष कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल किए जाने की तैयारी है। चार्जशीट अदालत में पेश होने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और जांच के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया बढ़ेगी। हालांकि, अंतिम रूप से आरोपों पर फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
जांच एजेंसियों के मुताबिक ऐसे बना कथित लेवी सिस्टम
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूले जाने का आरोप है। एजेंसियों के अनुसार, इस कथित वसूली व्यवस्था को संचालित करने के लिए खनन विभाग के नियमों में बदलाव किया गया और ऑनलाइन जारी होने वाले कोल परमिट को ऑफलाइन व्यवस्था में बदला गया। जांच में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद एक सिंडिकेट ने परमिट व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित कर अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार किया है। EOW और ED की जांच के अनुसार, इस कथित व्यवस्था के जरिए 540 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली किए जाने का अनुमान है।
अब 3 अक्टूबर पर टिकी नजर
फिलहाल, इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम विशेष अदालत में फाइनल चार्जशीट का दाखिल होना है। 3 अक्टूबर को प्रस्तावित चार्जशीट में करीब 35 आरोपियों को शामिल किए जाने की जानकारी है। इसके बाद अदालत में मामले की आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है, यह न्यायिक प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगा।
