खेत में मधुमक्खियों का कहर, बेटे को बचाकर खुद मौत से हार गई मां, 3 घंटे तक झेलती रही डंक
सरगुजा : खेत में उड़द उखाड़ने गई एक महिला पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना पहले छह साल के बेटे को सुरक्षित घर भेजा, लेकिन खुद मधुमक्खियों के लगातार डंक से गंभीर रूप से घायल हो गई। करीब तीन घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से गांव में मातम छा गयाl इसके साथ ही गाँव में मधुमक्खियों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के घंघरी असडांड गांव का है। यहां विफनिया पति जय प्रसाद अपने छह साल के बेटे के साथ खेत में उड़द उखाड़ने गई थी। महिला खेत में काम कर रही थी, जबकि उसका बेटा पास ही मेड़ पर खेल रहा था। इसी दौरान पेड़ पर डेरा जमाए मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक दोनों पर हमला कर दिया।
बेटे को सुरक्षित भेजा घर, लेकिन खुद फंस गई
मधुमक्खियों का हमला होते ही महिला ने सबसे पहले अपने बेटे की सुरक्षा की चिंता की। उसने उसे तत्काल घर की ओर भागने के लिए कहा। बच्चा वहां से निकल गया और उसकी जान बच गई, लेकिन मां खुद मधुमक्खियों के झुंड के बीच फंस गई। लगातार डंक लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों के अनुसार, करीब तीन घंटे तक संघर्ष करने के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। महिला अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
12 दिन से पेड़ पर था छत्ता, पहले भी तीन लोगों पर हो चूका था हमला
ग्रामीणों के अनुसार जिस पेड़ पर मधुमक्खियों ने अपना डेरा बनाया था, वहां पिछले करीब 12 दिनों से छत्ता मौजूद था। इससे पहले भी मधुमक्खियां तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुकी थीं। इसके बावजूद छत्ते को हटाने की ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने रविवार रात छत्ते में आग लगाकर मधुमक्खियों को भगाने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
