पक्के मकान की उम्मीद पर फिरा पानी, आवास प्लस सर्वे में 16 हजार से ज्यादा आवेदक अपात्र, 30 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
बिलासपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे जिले के हजारों ग्रामीणों को आवास प्लस 2024 के सर्वे के बाद झटका लगा है। सर्वे और ग्रामसभा के अनुमोदन के बाद जारी प्राथमिक सूची में 16 हजार से अधिक आवेदनों को अपात्र कर दिया गया है। सूची सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी के साथ ही पात्र हितग्राहियों के नाम हटाए जाने को लेकर शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। मामला बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने अपात्र घोषित किए गए आवेदनों की दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शिकायतों और आपत्तियों की जांच के लिए जिले में पांच विशेष अपीलीय समितियां गठित की गई हैं। समितियां आवेदनों की पात्रता और सर्वे में दर्ज जानकारी की जांच करेंगी।
वेबसाइट पर जारी की गई हितग्राहीवार जानकारी
जिला पंचायत ने आवास प्लस 2024 के सर्वे से जुड़ी हितग्राहीवार जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की है। इसमें आवेदन की स्थिति के साथ अपात्र किए जाने का कारण भी देखा जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे या डेटा एंट्री के दौरान किसी पात्र परिवार के संबंध में गलती हुई है तो जांच के बाद उसे सुधारा जा सकेगा।
बिल्हा में सबसे ज्यादा आवेदन अपात्र
जिले के चारों जनपद पंचायतों में बड़ी संख्या में आवेदनों को अपात्र पाया गया है। इनमें सबसे ज्यादा मामले बिल्हा जनपद पंचायत के हैं। जिसमें बिल्हा से 5,196 आवेदन अपात्र, मस्तूरी से 4,370 आवेदन अपात्र, कोटा से 4,199 आवेदन अपात्र और तखतपुर से 2,234 आवेदन अपात्र हुए हैं। इस तरह चारों ब्लॉकों में कुल 16,000 से अधिक आवेदन प्राथमिक स्तर पर पात्रता से बाहर किए गए हैं।
30 सितंबर तक मिला दावा-आपत्ति का मौका
अपात्र सूची में नाम आने वाले ग्रामीणों को प्रशासन ने दावा-आपत्ति का अवसर दिया है। इसके लिए 17 सितंबर से प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। ग्रामीण सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। बिल्हा और कोटा जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आवेदन लिए जाएंगे। वहीं मस्तूरी और तखतपुर में भी संबंधित जनपद पंचायत सभाकक्षों में इसके लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद प्राप्त होने वाले दावे-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए जिन ग्रामीणों को लगता है कि वे योजना के लिए पात्र हैं और उनका नाम गलती से अपात्र सूची में शामिल हुआ है, उन्हें 30 सितंबर की समय-सीमा के भीतर अपना पक्ष रखना होगा।
