- Hindi News
- छत्तीसगढ़
- मुक्तिधामों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त: सभी कलेक्टरों की रिपोर्ट पेश, अगली सुनवाई जनवरी में
मुक्तिधामों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त: सभी कलेक्टरों की रिपोर्ट पेश, अगली सुनवाई जनवरी में
बिलासपुर। प्रदेशभर के मुक्तिधामों की बदहाल स्थिति को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सभी जिलों के कलेक्टरों ने फोटोग्राफ सहित अपनी रिपोर्ट अदालत में जमा की, जबकि कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी को आदेशों की मॉनिटरिंग करने और बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर को शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस ए.के. प्रसाद की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार नागरिकों का मौलिक अधिकार है। इसके लिए हर मुक्तिधाम में पानी, बिजली, सड़क, शौचालय, शेड और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
चीफ जस्टिस ने 29 सितंबर को बिल्हा और रहंगी मुक्तिधामों का निरीक्षण किया था, जहाँ अव्यवस्था साफ नजर आई थी। इसके बाद मामला स्वत: संज्ञान में लिया गया और सरकार को निर्देश जारी किए गए। बिलासपुर कलेक्टर ने बताया कि रहंगी मुक्तिधाम में तत्काल सुधार कार्य किए गए हैं और सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की है, ताकि सुधारों की प्रगति और सभी मुक्तिधामों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
