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छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 24.99 लाख फर्जी नाम कटे, अब प्रदेश में 1.87 करोड़ पंजीकृत वोटर
रायपुर। छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में 'विशेष गहन पुनरीक्षण'(एसआईआर) अभियान के सफल संपादन के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि इस व्यापक शुद्धिकरण अभियान के दौरान प्रदेश भर से लगभग 24.99 लाख संदिग्ध, मृत और दोहरे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस बड़ी कटौती के बाद अब छत्तीसगढ़ में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 1,87,30,914 निर्धारित की गई है। आयोग की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले एक त्रुटिहीन और पारदर्शी निर्वाचक नामावली तैयार करना था।
चार महीने का 'मिशन मोड' अभियान और जमीनी सर्वे
छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचक नामावलियों का यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था, जो लगभग चार महीनों तक निरंतर जारी रहा। इस महाभियान को सफल बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने जमीनी स्तर पर अधिकारियों की एक बड़ी फौज तैनात की थी। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण किया और मतदाताओं के भौतिक मिलान एवं मैपिंग का कार्य संपन्न किया। इस पूरी प्रक्रिया में 33 जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित 90 ईआरओ (ERO) और 1990 एईआरओ (AERO) की सक्रिय भागीदारी रही है।
मतदाताओं की संख्या में बड़ा फेरबदल
अभियान के दौरान आंकड़ों में आए उतार-चढ़ाव ने मतदाता सूची की गंभीरता को रेखांकित किया है। एसआईआर की घोषणा के समय राज्य में कुल 2,12,30,737 मतदाता दर्ज थे। सघन जांच और भौतिक सत्यापन के बाद जब प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची का प्रकाशन किया गया, तो यह संख्या घटकर 1,84,95,920 रह गई थी। हालांकि, इसके बाद प्राप्त हुए नए आवेदनों और दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम सूची में 1,87,30,914 नाम शामिल हुए हैं। इस प्रकार, ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 2,34,994 मतदाताओं की 'शुद्ध वृद्धि' (Net Addition) दर्ज की गई है।
पारदर्शिता के लिए डिजिटलीकरण और राजनीतिक दलों का समन्वय
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने जानकारी दी कि इस बार पूरी प्रक्रिया को 'डिजिटल इंडिया' की तर्ज पर आगे बढ़ाया गया। कुल 2.12 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 1.84 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म प्राप्त हुए, जिनका पूर्णतः डिजिटलीकरण किया गया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन मतदाताओं की सूची, जिनके फॉर्म वापस नहीं मिले थे, विधानसभा क्षेत्रवार आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की गई थी। इसके साथ ही, निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अंतिम नामावली की दो प्रतियां—एक फोटो युक्त प्रिंटेड और एक बिना फोटो वाली सॉफ्ट कॉपी—निशुल्क उपलब्ध कराई हैं।
त्रुटि सुधार और नए नाम जुड़वाने का अब भी है मौका
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम इस अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वे अब भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता को 'फॉर्म-6' भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा। वहीं, यदि सूची में दर्ज जानकारी में किसी प्रकार की वर्तनी या तकनीकी त्रुटि है, तो 'फॉर्म-8' के माध्यम से उसमें सुधार करवाया जा सकता है। आगामी 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि को ध्यान में रखते हुए भावी मतदाताओं से भी आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। नागरिक अपना नाम और विवरण आयोग की वेबसाइट 'ceochhattisgarh.nic.in' या 'वोटर हेल्पलाइन ऐप' पर देख सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस अभियान की सफलता का श्रेय निर्वाचन प्रणाली के समस्त कर्मचारियों, बीएलओ और जागरूक नागरिकों को दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया और राजनीतिक दलों के सहयोग से ही प्रदेश को एक "शुद्ध, आधुनिक और समावेशी" मतदाता सूची प्राप्त हुई है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
