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रायगढ़ जिले में फिर हाथी के बच्चे की मौत, संदिग्ध कारणों की जांच जारी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र में एक और हाथी के बच्चे का शव बरामद किया गया है। इस शव के पास बड़े हाथियों के पैरों के निशान मिले हैं, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि हाथी के झुंड ने बच्चे को उठाने या खींचने की कोशिश की होगी। घटना के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तमनार रेंज के झिंगोल बीट के कक्ष क्रमांक 838 आरएफ में यह शव पाया गया, जिसे सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों ने देखा और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही तमनार रेंज के एसडीओ आशुतोष मंडवा, रेंजर विक्रांत कुमार और अन्य वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में शव के पास हाथियों के पैरों के स्पष्ट निशान मिले।
शारीरिक कमजोरी की आशंका
जांच के दौरान यह पाया गया कि मृत हाथी के बच्चे के शरीर में कमजोरी के संकेत थे, हालांकि शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं थे। फिलहाल, वन विभाग को करंट से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले हैं। शव का पोस्टमार्टम रविवार को किया गया और डॉक्टरों की टीम ने इसकी रिपोर्ट तैयार की है, जो मौत की सही वजह का खुलासा करेगी।
पिछले पांच महीनों में तमनार रेंज में तीन हाथियों की मौत
यह घटना तमनार रेंज के लिए चौथी बड़ी घटना है, जहां पिछले पांच महीनों में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है। इस दौरान अक्टूबर में केराखोल के जंगल में एक हाथी की मौत करंट लगने से हुई थी, जबकि एक अन्य हाथी के बच्चे की मृत्यु चट्टानों में फंसने के कारण हुई थी। अब एक और बच्चे की मौत ने वन विभाग को परेशान कर दिया है।
हाथियों के झुंड पर लगातार निगरानी
वर्तमान में, तमनार रेंज के सामारूमा क्षेत्र में 26 हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है और वन विभाग ने इन हाथियों के झुंड पर निगरानी रखना शुरू कर दिया है। रेंजर विक्रांत कुमार के अनुसार, शावक के शव पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं, और उनकी टीम मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
यह घटना वन विभाग के लिए एक चिंता का विषय बन गई है, और आगे की जांच जारी है ताकि हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
