राजा होकर भी प्रजा से कर लेते थे बराबरी… महाराजा अग्रसेन की वह सोच, जो आज भी समाज को दिखाती है राह

राजा होकर भी प्रजा से कर लेते थे बराबरी… महाराजा अग्रसेन की वह सोच, जो आज भी समाज को दिखाती है राह

बिलासपुर : महाराजा अग्रसेन का नाम भारतीय इतिहास और लोकपरंपरा में ऐसे शासक के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने राजपाट के साथ-साथ समाज को जोड़ने की सोच को महत्व दिया। अग्रसेन जयंती केवल एक महान राजा की स्मृति का पर्व नहीं, बल्कि उस विचार को याद करने का अवसर है जिसमें समाज की खुशहाली को व्यक्तिगत समृद्धि से ऊपर माना गया।

एक ईट और एक मुद्रा की परंपरा बनी मिसाल

महाराजा अग्रसेन से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध लोकपरंपराओं में कहा जाता है कि उनके राज्य में बाहर से आने वाले जरूरतमंद परिवार को स्थानीय लोग एक ईंट और एक मुद्रा देकर नई शुरुआत में सहयोग करते थे। ईंट मकान बनाने का आधार बनती और मुद्रा व्यापार या रोजगार शुरू करने का साधन। इस परंपरा को समाज में परस्पर सहयोग और आत्मनिर्भरता की सोच से जोड़ा जाता है।

Read More GPM News: जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, CCTV से तलाशे जा रहे सुराग

राजा का संदेश: समृद्धि अकेले की नहीं

Read More Dhamtari Court News: धमतरी कोर्ट का डबल फैसला: पत्नी की हत्या में पति को जिंदगीभर जेल, बिजली हादसे में भी दोषियों को सजा

अग्रसेन से जुड़ी कथाओं में उनकी शासन व्यवस्था को अहिंसा, समानता और श्रम के सम्मान से जोड़ा गया है। उनका आदर्श था कि समाज का विकास तभी संभव है, जब कमजोर व्यक्ति को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। यही वजह है कि आज भी उनके नाम से जुड़े समाजों में शिक्षा, सेवा, व्यापारिक सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता की परंपरा दिखाई देती है।

सदियों बाद भी क्यों प्रासंगिक है अग्रसेन की सोच?

आज दुनिया आर्थिक विकास और प्रतिस्पर्धा की बात करती है, लेकिन अग्रसेन की लोकपरंपरा समाज को यह याद दिलाती है कि विकास के साथ साझेदारी और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। किसी जरूरतमंद को अवसर देना, उसे अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना और समाज में सहयोग की भावना बनाए रखना—यही अग्रसेन जयंती का सबसे बड़ा संदेश माना जाता है। अग्रसेन जयंती इसलिए सिर्फ पूजा और उत्सव का दिन नहीं है। यह उस विचार को दोहराने का अवसर है कि समाज की असली ताकत उसकी संपत्ति में नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े होने की क्षमता में होती है।

 

Tags:

Latest News

छात्राओं की शिकायत पर मल्हार स्कूल में बड़ी कार्रवाई, प्राचार्य समेत तीन शिक्षक हटाए गए छात्राओं की शिकायत पर मल्हार स्कूल में बड़ी कार्रवाई, प्राचार्य समेत तीन शिक्षक हटाए गए
15 घंटे ड्यूटी के साथ जिंदगी खत्म.... घर लौटने निकला लोको पायलट, ट्रेन से गिरा और खो दिए दोनों पैर
जहां देवी की मूर्ति नहीं, वहां पालने में होती है मां की पूजा, नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब
राजा होकर भी प्रजा से कर लेते थे बराबरी… महाराजा अग्रसेन की वह सोच, जो आज भी समाज को दिखाती है राह
गुमा सहकारी समिति में 3.38 लाख का गबन: चेक में कांटछांट कर निकाली रकम, आरोपी ब्रांच मैनेजर को बचाने सामने आए भाजपा नेता; गिरफ्तारी पर अटकाया रोड़ा
छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की विदेश में भी गूंज, ‘कोशल फैब’ से बुनकरों को मिली नई पहचान
बिना दस्तखत की सर्विस बुक, 50 के स्टांप पर नौकरी, डीईओ दफ्तर में अनुकंपा नियुक्ति पर हो गया खेल
सकरी से राजस्थान के लिए निकला 166 टन कोयला हुआ गायब, डेढ़ महीने से लापता चार ट्रक, ट्रांसपोर्टर समेत पांच पर एफआईआर
गन्ना किसानों को साय का बड़ा तोहफा, 425 रूपए प्रति क्विंटल होगी खरीदी, पुराने भुगतान पर भी मिलेगा बढ़ी दर का लाभ
बांग्लादेशी होने का शक पर 23 की गिरफ्तारी… फिर दस्तावेजों ने पलट दी पूरी कहानी, दो के निर्वासन की प्रक्रिया अब भी जारी
नवजात के अपहरण की कहानी में हो गया खेल, सुन पुलिस भी रह गई दंग
साइबर जागृति अभियान में मुंगेली जिले को मिला सम्मान, 18.32 लाख लोगों को किया जागरूक