प्रश्नपत्र में चूक या लापरवाही? कुत्ते के नाम पर सवाल ने भड़काया धार्मिक विवाद, डीईओ को कारण बताओ नोटिस

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासकीय स्कूलों में कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र में शामिल एक विवादित प्रश्न ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगने के बाद तूल पकड़ लिया है। मामले के सामने आते ही हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया, जबकि लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

विवाद की जड़ बना सवाल
7 जनवरी को आयोजित कक्षा चौथी की अंग्रेजी परीक्षा में पहला वस्तुनिष्ठ प्रश्न था—
“What is the name of Mona’s dog?”
इसके चार विकल्प दिए गए थे:
(A) Bala, (B) No one is mentioned, (C) Sheru, (D) Ram

कुत्ते के नाम के विकल्पों में ‘राम’ शब्द शामिल होने पर विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इसके बाद जिले में शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध तेज हो गया।

Read More कांकेर में प्रार्थना सभा पर विवाद, ग्रामीणों ने लगाया मिशनरियों पर धर्मांतरण का आरोप, अलर्ट पर प्रशासन

शिक्षा विभाग ने प्रिंटिंग प्रेस पर डाला जिम्मा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह प्रश्नपत्र विभाग द्वारा तैयार नहीं किया गया था। उनके अनुसार विभाग द्वारा बनाया गया प्रश्नपत्र छपा ही नहीं, बल्कि प्रिंटिंग प्रेस ने अलग प्रश्नपत्र छाप दिया। डीईओ ने कहा, “इस संबंध में प्रिंटिंग प्रेस को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उन्होंने यह प्रश्नपत्र किस आधार पर छापा। यदि इससे किसी की भावना आहत हुई है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।”

Read More Raipur Breaking: देवेंद्र नगर में चाकूबाजी की दर्दनाक घटना, युवक की मौत, परिजन पुलिस से नाराज

डीईओ को कारण बताओ नोटिस
विवाद को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे प्रकरण पर तत्काल लिखित जवाब प्रस्तुत करें।

जांच समिति का गठन, 7 दिन में रिपोर्ट
इस मामले को लेकर NSUI रायपुर के प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डीईओ हिमांशु भारतीय ने इसे विभागीय त्रुटि स्वीकार करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से गलती हुई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच समिति गठित की जा रही है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: बाइक रेसिंग के दौरान नाले में गिरा नाबालिग, मौके पर गई जान

राज्य