पहली ही बारिश में डूबा रायपुर: निगम के दावों की खुली पोल, घरों में घुसा नाले का गंदा पानी
रायपुर। मानसून की पहली तेज बारिश ने राजधानी रायपुर में नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के मोवा स्थित आदर्श नगर, स्ट्रीट नंबर-8 में भारी जलभराव और उफनते नाले के कारण हालात बेहद खराब हो गए। कई घरों में नाले का गंदा पानी घुस गया, जिससे लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉलोनी की सड़कें पानी में डूब गईं और कई जगह यह पहचानना मुश्किल हो गया कि सड़क कहां है और नाला कहां। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर रहे।
पहली बारिश में ही फेल हुई जल निकासी व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नगर निगम नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे करता है, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। कॉलोनी में बारिश का पानी और नाले का गंदा पानी एक साथ भर जाने से कई घरों का सामान भी प्रभावित हुआ। रहवासियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।
तेज बहाव में बह गई साइकिल, बड़ा हादसा टला
रहवासियों के मुताबिक बीती रात तेज बहाव के दौरान एक व्यक्ति की साइकिल नाले में बह गई। हालांकि वह समय रहते सुरक्षित निकल गया, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग इस बहाव की चपेट में आ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। कॉलोनी के कई हिस्सों में पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया।
अतिक्रमण और सफाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से नाले पर अतिक्रमण बढ़ता गया, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका दावा है कि पहले 7 से 8 फीट चौड़ा नाला अब कई स्थानों पर सिकुड़कर 4 से 5 फीट का रह गया है। इसके अलावा नियमित सफाई नहीं होने से गाद और कचरा जमा है, जिससे बारिश का पानी आसानी से निकासी नहीं कर पा रहा और पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाती है।
स्थायी समाधान की मांग
आदर्श नगर के रहवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि नाले से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए, व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि हर साल एक जैसी परेशानी झेलने के बावजूद समाधान नहीं निकलना चिंता का विषय है। अब नागरिकों की नजर इस बात पर है कि पहली ही बारिश के बाद सामने आई इन समस्याओं पर नगर निगम क्या कदम उठाता है।
