व्यक्तिगत प्रचार के लिए नहीं है जनहित याचिका , कथित पत्रकार की पीआईएल हाईकोर्ट से ख़ारिज

व्यक्तिगत प्रचार के  लिए नहीं है जनहित याचिका , कथित पत्रकार की पीआईएल हाईकोर्ट से ख़ारिज

बिलासपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना अच्छी बात है लेकिन बिना होमवर्क किए अदालत पहुंच जाना भारी पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कथित पत्रकार सुषांत गौतम की जनहित याचिका को इसी आधार पर खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि न्यायपालिका का मंच चेहरा चमकाने या व्यक्तिगत प्रचार का शॉर्टकट नहीं है। अदालत ने पत्रकार द्वारा दायर इस याचिका को पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के बजाय पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन मानते हुए सीधा ख़ारिज कर दिया । साथ ही याचिकाकर्ता की जमानत राशि भी जब्त कर ली।  मामला भ्रष्टाचार संबधी जाँच का है l सुषांत गौतम ने खुद को पत्रकार बताते हुए हाईकोर्ट जनहित याचिका दायर की थी l  आरोप था कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत दागी सरकारी अफसरों के खिलाफ जांच की पूर्व स्वीकृति देने में जानबूझकर फाइलें दबा कर बैठी है। याचिका में  अदालत से मांग की थी कि वह राज्य सरकार को एक तय समय में सभी लंबित प्रस्तावों को निपटाने का सख्त आदेश दे। उनका दावा था कि देरी होने से सबूत नष्ट किए जा रहे हैं गवाहों को डराया जा रहा है और भ्रष्ट अफसरों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

कागजों पर याचिका में की गई मांग क्रांतिकारी लग सकती है लेकिन अदालतें भावनाओं से नहीं बल्कि तथ्यों से चलती हैं। मामले में राज्य सरकार ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखा। सरकार ने कहा कि हर मामले की फाइल अलग होती है और सब पर एक ही तरह की कार्यवाही संभव नहीं l धारा 17ए के तहत हर केस के तथ्य और परिस्थितियां अलग होती हैं इसलिए थोक के भाव में कोई एकमुश्त आदेश जारी करना संभव ही नहीं है।

हाईकोर्ट ने सरकार की दलील मानी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 17ए के तहत मंजूरी देना या रोकना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। हर अफसर पर लगे आरोप जांच की स्थिति और सबूत अलग अलग होते हैं। ऐसे में अदालत सरकार को कोई जनरल ऑर्डर नहीं दे सकती। अदालत ने पूछा कि क्या किसी खास मामले में दुर्भावना या मिलीभगत का कोई पक्का सबूत है। जिस पर याचिकाकर्ता पत्रकार मामले में किसी भी प्रकार का साक्ष्य पेश नहीं कर पाए  इस दौरान उनके पास अखबारों की कटिग साहित सामान्य शंकाओं के अलावा कुछ खास नहीं था l

Read More पोस्टमॉर्टम में खुला हत्या का राज, दहेज के लिए नवविवाहिता का गला घोंटा, फिर फांसी पर लटकाकर पहुंचे अस्पताल

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि जनहित याचिका का असल मकसद जनता की भलाई है न कि बेवजह सरकारी कामकाज में रोड़े अटकाना है l ज्ञात हो कि  धारा 17ए वैसे भी इन दिनों चर्चा में है। इसी वर्ष 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में इस पर दो जजों की अलग अलग डिसीजन आये। जस्टिस केवी विश्वनाथन ने इसे लोकपाल की निगरानी के साथ उचित माना था वही जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इसे भ्रष्ट अफसरों की ढाल बताते हुए असंवैधानिक करार दिया था।

Read More गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डीजीजीआई की दबिश, ‘सितार’ गुटखा के मिले 50 से ज्यादा बोरे

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए  सबक से कम नहीं है जो बिना पूरी तैयारी के सिर्फ मीडिया में नाम छपवाने के लिए पीआईएल लगाते हैं। अदालत का यह रुख साफ करता है कि न्याय का दरवाजा खटखटाने से पहले हाथ में पक्के सबूत होने चाहिए सिर्फ हवाई तीरंदाजी से अदालत में काम नहीं चलता।

Tags:

Latest News

पति के घर से निकलते ही कमरे में बंद हुई रोजी… फिर जो हुआ, दरवाजा तोड़कर देखी तो उड़ गए होश पति के घर से निकलते ही कमरे में बंद हुई रोजी… फिर जो हुआ, दरवाजा तोड़कर देखी तो उड़ गए होश
9 साल की बच्ची के पेट में क्या जमा था? ऑपरेशन के बाद डॉक्टर भी हुए हैरान, निकला 1 किलो बालों का गुच्छा
Hingoli Earthquake: कुछ घंटों में दो बार कांपी धरती, 4.5 तीव्रता के झटके से हड़कंप; प्रशासन अलर्ट
IND vs PAK Final: अभिषेक का तूफान, तिलक का फिनिश… पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारत ने फिर जीता गोल्ड
1750 रुपए लिए, 5 रुपए में पैड, विरोध किया तो नंबर काटने की धमकी… मल्हार स्कूल में बवाल
पितृ पक्ष में आज क्यों भूखी-प्यासी रहेंगी माताएं? व्रत के पीछे छिपी है त्याग और बलिदान की ऐसी कथा, जानकर चौंक जाएंगे
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट मामले में 3 FIR दर्ज
नाबालिग छात्रा को अगवा कर बेरहमी से पीटा, नशीला इंजेक्शन लगाकर किया गैंगरेप, 2 आरोपी गिरफ्तार
श्री सिटी की फार्मा कंपनी में जोरदार धमाका, बॉयलर फटने से 5 मजदूरों की मौत; 10 से ज्यादा घायल
कोरी डैम में ‘लूटेरों का राज’, बैंककर्मी युवती और दोस्त को घेरा, पीटा और लूटकर भागे बदमाश
सुपरनोवा में हुई युवक की मौत से मचा हड़कंप, 43वीं मंजिल से गिरने की घटना ने खड़े किए कई सवाल, CCTV खंगाल रही पुलिस
बिलासपुर की लाइब्रेरियों में विवाद से मचा हड़कंप, कोचिंग संचालक पर छात्रों से बदसलूकी और धमकी के आरोप; CCTV ने बढ़ाया मामला