पेंड्रा में NH-45 का ‘बाईपास संकट’! एक ही बस दिन में दो बार फंसी, क्रेन से निकालना पड़ा; निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

पेंड्रा में NH-45 का ‘बाईपास संकट’! एक ही बस दिन में दो बार फंसी, क्रेन से निकालना पड़ा; निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

पेंड्रा। निर्माणाधीन NH-45 इन दिनों वाहन चालकों के लिए राहत की सड़क कम और मुसीबत का रास्ता ज्यादा बनता जा रहा है। बारिश के बाद सड़क के कई हिस्से कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गए हैं। वहीं वाहनों को निकालने के लिए बनाए गए वैकल्पिक बाईपास भी परेशानी कम करने के बजाय नई मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण चपोरा गांव के पास देखने को मिला, जहां एक यात्री बस एक ही दिन में दो बार सड़क पर फंस गई। दोनों बार बस को निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी।

पहले मुख्य सड़क पर फंसी बस, फिर बाईपास ने भी छोड़ा नहीं
बताया गया कि बारिश के बाद चपोरा गांव के पास निर्माणाधीन सड़क का एक हिस्सा बेहद खराब हो गया था। इसी दलदली हिस्से से गुजरते समय यात्री बस फंस गई। पहियों के कीचड़ में धंसने के बाद बस आगे नहीं बढ़ सकी। काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया। इसके बाद बस को मुख्य मार्ग से हटाकर बनाए गए वैकल्पिक बाईपास से आगे भेजने की कोशिश की गई।

लेकिन यहां भी समस्या खत्म नहीं हुई।
बाईपास की कम चौड़ाई और खराब सतह के कारण बस दोबारा फंस गई। आखिरकार दूसरी बार क्रेन बुलानी पड़ी और काफी प्रयास के बाद बस को वहां से निकाला जा सका।

Read More सेवा संकल्प में नहीं पहुंचे 21 शिक्षक को नोटिस, संघों ने खोला मोर्चा, सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार की दी चेतावनी

एक बस, दो बार फंसी, व्यवस्था पर बड़ा सवाल
एक ही दिन में एक ही यात्री बस के दो अलग-अलग जगहों पर फंसने की घटना ने निर्माणाधीन हाईवे की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की हालत तेजी से खराब हो जाती है। कई जगह पानी जमा होने के साथ मिट्टी और मुरम कमजोर होकर दलदल जैसी स्थिति बना लेते हैं। ऐसे में भारी और यात्री वाहनों के लिए गुजरना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।

Read More Kurud Flood: लगातार बारिश से कुरूद में बिगड़े हालात, नारी गांव से 40 लोगों को किया गया रेस्क्यू

बाईपास है तो सुरक्षित क्यों नहीं?
निर्माणाधीन हाईवे पर काम जारी रहने के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ते बनाए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर वही बाईपास वाहन के वजन और यातायात का दबाव नहीं झेल पा रहा, तो उसे यातायात के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों दी जा रही है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर बाईपास संकरा, कच्चा और पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं है। बारिश के बाद इन रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है।

जाम ने बढ़ाई आम लोगों की परेशानी
वाहनों के फंसने से केवल यात्री ही परेशान नहीं हो रहे, बल्कि सड़क पर लंबा जाम भी लग रहा है। इसका सीधा असर मरीजों, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, बस यात्रियों और ग्रामीणों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, किसी वाहन के फंसते ही उसे निकालने में काफी समय लग जाता है और पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है।

निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
NH-45 का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन मौजूदा स्थिति ने निर्माण की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।लोगों का कहना है कि निर्माण पूरा होने तक यातायात को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सड़क का काम चल रहा है तो वैकल्पिक मार्गों को सुरक्षित, चौड़ा और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान जनता को जोखिम न उठाना पड़े।

लोगों ने मांगी बाईपास की तकनीकी जांच
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि NH-45 पर बनाए गए सभी डायवर्जन और बाईपास की तत्काल तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराई जाए। जहां सड़क कमजोर है, वहां सुधार कार्य कराया जाए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए। विकास के लिए सड़क बनना जरूरी है, लेकिन निर्माणाधीन सड़क के नाम पर अगर रोजाना जाम, कीचड़ और दुर्घटना का खतरा लोगों की मजबूरी बन जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पेंड्रा में एक ही बस का दिन में दो बार फंसना इसी परेशानी की तस्वीर दिखा रहा है।

Tags:

Latest News

125 राज्य प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर सहित कई अधिकारियों के बदले प्रभार   125 राज्य प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर सहित कई अधिकारियों के बदले प्रभार  
विकास को मिलेगी रफ्तार, 5.36 करोड़ से बदलेगी स्कूल-कॉलेज और सामुदायिक भवनों की तस्वीर
5 अरब के टैक्स विवाद में हाई कोर्ट की एंट्री, सेल और सरकार के बीच अब होगी मध्यस्थता
दोस्तों के साथ नहाने उतरा दिग्विजय, तैरते-तैरते गहराई में गया और फिर नहीं आया बाहर, 3 घंटे बाद मिला शव
धान खरीदी से लेकर ई-व्हीकल तक, सरकार ने तय किए काम के लक्ष्य, विभागों को समयसीमा में पूरा करना होगा काम
कागजों पर बैन, गलियों में चल रहीं गुटखा फैक्ट्रियां: रोजाना छप रहा 25 लाख का अवैध माल, हर साल कैंसर अस्पताल पहुंच रहे 1200 मरीज
सिगरेट के धुएं के बीच चाकू लहराती युवती का वीडियो वायरल, दो दिन पहले मारपीट का वीडियो भी आया था सामने
पहले कॉलेज में शिकायत, फिर कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया; प्रोफेसर पर छात्राओं के गंभीर आरोप
Bhupesh Baghel News: सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, चुनाव याचिका खारिज कराने की SLP खारिज; 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
एक गंध, 500 मीटर का पीछा और फिर खुला राज… ‘बाघा’ ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी के घर
खेत में मधुमक्खियों का कहर, बेटे को बचाकर खुद मौत से हार गई मां, 3 घंटे तक झेलती रही डंक
घर के बाहर धूप सेंक रहे थे तीन बुजुर्ग, अचानक भालू ने किया हमला, दंपती समेत तीन घायल