रायगढ़ में GST का बड़ा एक्शन! जोरापाली के प्लांट में घंटों चली जांच, टैक्स चोरी और ITC लेनदेन पर उठे सवाल
रायगढ़। रायगढ़ के कारोबारी क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब सेंट्रल GST की टीम ने जोरापाली इलाके में स्थित एक प्लांट पर अचानक दबिश दी। अधिकारियों ने यहां कई घंटे तक कारोबारी रिकॉर्ड, बिलिंग और भुगतान से जुड़े दस्तावेज खंगाले। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विभाग की कार्रवाई टैक्स चोरी की आशंका और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जांच से जुड़ी है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले विभाग की ओर से किसी तरह की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अचानक प्लांट पहुंची टीम, रिकॉर्ड की बारीकी से जांच
बताया जा रहा है कि संबंधित फर्म की कारोबारी गतिविधियां और वित्तीय लेनदेन कुछ समय से विभाग की निगरानी में थे। इसी क्रम में मंगलवार को GST अधिकारियों की टीम जोरापाली स्थित प्लांट पहुंची। टीम ने प्लांट में मौजूद बिल, इनवॉइस, भुगतान रिकॉर्ड, टैक्स से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल एंट्री की पड़ताल की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी कारोबारी गतिविधियों से संबंधित जानकारी ली।
ITC लेनदेन पर खास नजर
जांच का अहम हिस्सा इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC से जुड़े लेनदेन बताए जा रहे हैं। विभाग यह जांच कर रहा है कि कारोबार में लिए गए ITC के दावों के पीछे जरूरी दस्तावेज और वास्तविक लेनदेन मौजूद हैं या नहीं। इसके अलावा बिलिंग और भुगतान के रिकॉर्ड का आपस में मिलान भी किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की विसंगति सामने आने पर उसकी कड़ी जोड़ी जा सके।
डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
GST व्यवस्था में अधिकांश कारोबारी लेनदेन डिजिटल माध्यम से दर्ज होते हैं। ऐसे में विभाग की जांच सिर्फ कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहती। प्लांट के ऑनलाइन बिलिंग रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और टैक्स से संबंधित डेटा की भी जांच किए जाने की जानकारी है। इससे विभाग को वास्तविक कारोबार और रिकॉर्ड में दर्ज लेनदेन के बीच अंतर की पड़ताल करने में मदद मिल सकती है।
क्या मिला? अभी विभाग ने नहीं खोला पत्ता
कई घंटे चली कार्रवाई के बाद विभाग को जांच में क्या मिला, इसको लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि टीम ने किसी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को जब्त किया है या नहीं। इसलिए फिलहाल टैक्स चोरी या फर्जी ITC के आरोपों को जांच के स्तर पर सामने आई आशंका के तौर पर ही देखा जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर
अब विभागीय जांच के अगले चरण में रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का मिलान किया जाएगा। यदि जांच में टैक्स संबंधी गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, जोरापाली के प्लांट पर GST की इस कार्रवाई ने कारोबारी जगत में जरूर हलचल पैदा कर दी है, लेकिन असली तस्वीर जांच पूरी होने और विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ होगी।
