घटारानी में खतरनाक स्टंट पड़ा भारी: 52 फीट ऊंचे झरने से फिसला नशे में धुत युवक, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान
गरियाबंद। मानसून की बारिश ने गरियाबंद के जलप्रपातों की खूबसूरती बढ़ा दी है। रविवार को चिंगरापगार, जतमई और घटारानी में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। झरनों की तेज धार, पहाड़ों पर छाई हरियाली और सुहाने मौसम का आनंद लेने पहुंचे सैलानियों के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घटारानी में एक युवक ने नशे की हालत में खतरनाक स्टंट करने की कोशिश की और करीब 52 फीट ऊंचे झरने से नीचे जा गिरा। गनीमत रही कि युवक सीधे चट्टानों पर गिरने के बजाय झरने के पानी में गिरा। पुलिस और आपातकालीन टीम की तत्परता से उसे तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पर्यटन स्थलों पर उमड़ा सैलानियों का सैलाब
रविवार की छुट्टी और मानसून के चलते गरियाबंद के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुबह से ही पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी थी। चिंगरापगार, जतमई और घटारानी जलप्रपातों में बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलप्रपातों में पानी का प्रवाह भी तेज है। यही वजह है कि इन दिनों झरनों का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। लेकिन खूबसूरत नजारे के बीच कुछ पर्यटकों की लापरवाही अब हादसों का कारण बनने लगी है।
नशे में 52 फीट ऊंची चट्टान पर कर रहा था स्टंट
घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे घटारानी क्षेत्र में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमतरी जिले के रावां निवासी 21 वर्षीय खूबलाल ढीमर अपने करीब 17 साथियों के साथ घूमने आया था। आरोप है कि युवक नशे की हालत में झरने के ऊपरी हिस्से की चट्टानों पर पहुंच गया और वहां खतरनाक स्टंट करने लगा। नीचे बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। लोगों ने उसे ऊपर से नीचे नहीं आने और खतरनाक जगह पर स्टंट न करने की चेतावनी भी दी, लेकिन उसने कथित तौर पर किसी की बात नहीं मानी। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह झरने के तेज बहाव में जा गिरा।
चट्टानों पर गिरता तो हो सकता था बड़ा हादसा
युवक के झरने में गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि वह सीधे कठोर चट्टानों पर गिरने के बजाय पानी में गिरा। इसके बावजूद उसे गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस और 112 टीम ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और 112 आपातकालीन सेवा की टीम सक्रिय हो गई। फिंगेश्वर थाना प्रभारी जयप्रकाश नेताम के नेतृत्व में टीम ने युवक को झरने के पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल फिंगेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। पुलिस की पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के कारण हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में ज्यादा समय नहीं लगा।
खतरनाक पर्यटन स्थलों पर स्टंट से बढ़ रहा जोखिम
मानसून में जलप्रपातों का जलस्तर और बहाव तेजी से बदलता है। चट्टानों पर काई जमने के कारण फिसलन भी बढ़ जाती है। ऐसे में नशे की हालत में झरने के किनारे जाना या ऊंचाई से स्टंट करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। घटारानी की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि प्रकृति का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे पर्यटक सुरक्षा नियमों को आखिर कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्यटकों को डेंजर जोन से दूर रहने, तेज बहाव में नहीं उतरने और शराब या किसी अन्य नशे की हालत में जलप्रपातों के आसपास जाने से बचने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
एक गलती और जा सकती थी जान
घटारानी में हुआ यह हादसा चेतावनी है कि मानसून के मौसम में झरने जितने खूबसूरत दिखते हैं, उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं। एक गलत कदम, एक खतरनाक स्टंट और कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल, युवक का इलाज जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
