CG News: छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों के पदों का नए सिरे से हुआ चिह्नांकन; नेत्रहीनों को भी मिलेगा मौका
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए सरकारी सेवाओं में चिन्हित पदों की संशोधित सूची जारी की है। इसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के अलग-अलग पदों को दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों के लिए चिन्हित किया गया है।
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब नेत्रहीन दिव्यांगजन भी चिन्हित पदों पर प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी एवं कर्मचारी बनने का अवसर पा सकेंगे, बशर्ते वे संबंधित पद की निर्धारित पात्रता और अन्य आवश्यक शर्तें पूरी करते हों। सरकार के इस फैसले को दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सरकारी रोजगार के अवसरों के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के लिए तय किए गए पद
राज्य सरकार की संशोधित सूची में दिव्यांगता की अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार पदों की पहचान की गई है। इसका सीधा फायदा उन अभ्यर्थियों को होगा जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अब अभ्यर्थियों के लिए सिर्फ पद का नाम देखना पर्याप्त नहीं होगा। आवेदन से पहले उन्हें संबंधित पद के सामने दर्ज दिव्यांगता कोड, निर्धारित कार्य और पद की प्रकृति को भी ध्यान से देखना होगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित पद उनके लिए चिन्हित है या नहीं।
पदोन्नति के रास्ते में भी मिलेगा फायदा
सरकार के नए प्रावधान में केवल सीधी भर्ती को ही शामिल नहीं किया गया है। चिन्हित पदों के फीडर कैडर को लेकर भी महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। यदि किसी पद का फीडर कैडर दिव्यांगजनों के लिए चिन्हित है, तो उससे जुड़े पदोन्नति वाले पद को भी उसी आधार पर चिन्हित माना जाएगा। यानी इसका असर सरकारी सेवा में आगे बढ़ने और पदोन्नति के अवसरों पर भी पड़ सकता है। यह व्यवस्था दिव्यांग कर्मचारियों के लिए करियर की संभावनाओं को केवल शुरुआती नियुक्ति तक सीमित रखने के बजाय आगे की सेवा अवधि से भी जोड़ती है।
नियुक्ति से पहले मेडिकल बोर्ड करेगा जांच
चिन्हित पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी की शारीरिक अक्षमता की जांच और उसके दिव्यांगता प्रमाणपत्र की वैधता का सत्यापन राज्य मेडिकल बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभाग यह देखेगा कि अभ्यर्थी संबंधित पद के कार्यों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार उपयुक्त है या नहीं। सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ केवल निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्ति को मिलेगा।
पुरानी अधिसूचना की जगह लागू होगी संशोधित सूची
सरकार की ओर से जारी नई अधिसूचना ने समाज कल्याण विभाग की 25 सितंबर 2014 को जारी अधिसूचना को अधिक्रमित कर दिया है। वहीं, जिन विभागों के नए या संशोधित पद मौजूदा अधिसूचना में शामिल नहीं किए गए हैं, लेकिन वे 25 फरवरी 2026 की पूर्व अधिसूचना में शामिल थे, उनके संबंध में पहले से लागू सूची को यथावत रखा गया है। इस तरह सरकार ने एक ओर दिव्यांगजनों के लिए चिन्हित पदों की सूची को अपडेट किया है, वहीं पहले से चिन्हित पदों के संबंध में भी निरंतरता बनाए रखने का प्रावधान किया है।
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए क्यों अहम है फैसला?
संशोधित सूची से दिव्यांग अभ्यर्थियों को यह समझने में आसानी होगी कि वे किन सरकारी पदों के लिए पात्रता के दायरे में आते हैं। खासतौर पर नेत्रहीन और अन्य श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के चिन्हित पदों का दायरा महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर सामने आ सकता है। हालांकि, किसी पद पर नियुक्ति के लिए संबंधित भर्ती नियम, शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, मेडिकल जांच और पद की कार्यात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना जरूरी होगा।
