Balrampur Medical News: दवा लेने पहुंचे बुजुर्ग को लगा दिए 2 इंजेक्शन, फिर हो गए बेहोश! मेडिकल स्टोर में ‘क्लिनिक’ का खेल, जांच शुरू
बतौली। सरगुजा जिले के बतौली में एक मेडिकल स्टोर में कथित तौर पर मरीजों का इलाज किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नेशनल हाईवे-43 के किनारे संचालित श्रीराम मेडिकल स्टोर में दवा बिक्री के साथ मरीजों को इंजेक्शन और अन्य उपचार दिए जा रहे थे। इसी दौरान पैर में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग की दो इंजेक्शन लगने के बाद तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। परिजन तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही है।
पैर में चोट थी, दवा लेने पहुंचे थे मेडिकल स्टोर
बताया गया है कि करदना लैगु निवासी करीब 55 वर्षीय जगजीवन बड़ा पैर में चोट और दर्द से परेशान थे। परिजन उन्हें दवा लेने के लिए बतौली स्थित श्रीराम मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को चिकित्सक बताते हुए बुजुर्ग को दुकान के भीतर बेड पर लिटाया और उन्हें दो इंजेक्शन लगाए। इसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में कराया गया भर्ती
बुजुर्ग की हालत अचानक खराब होने के बाद मेडिकल स्टोर पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और उन्हें निगरानी में रखा गया। आपातकालीन ड्यूटी पर मौजूद RMA डॉक्टर अजहर मंसूरी के मुताबिक, मरीज की हालत उस समय चिंताजनक थी। उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया और उपचार के बाद होश आया। डॉक्टर ने बताया कि मरीज को बीपी से जुड़ी समस्या भी थी और जरूरत पड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता था।
मेडिकल स्टोर में क्लिनिक चलाने का आरोप
स्थानीय लोगों और परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि संबंधित मेडिकल स्टोर में लंबे समय से मरीजों को केवल दवाइयां बेचने के बजाय इंजेक्शन लगाने और उपचार जैसी गतिविधियां की जा रही थीं। मामले में फार्मासिस्ट भूपेश गुप्ता का नाम सामने आया है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर का संचालन उनकी पत्नी के नाम पर है और दुकान में कथित तौर पर उपचार की गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अस्पताल में परिजनों से शिकायत नहीं करने की बात कहने का आरोप
मामले के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीज की देखभाल को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स संगीता गुप्ता ने उन्हें मामले की शिकायत आगे नहीं करने की सलाह दी। वहीं, पीड़ित का बयान लेने पहुंचे पत्रकारों के साथ कथित तौर पर विवाद और धमकी देने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
पीड़ित ने बताया- दो इंजेक्शन के बाद हो गया था बेहोश
जगजीवन बड़ा ने बताया कि पैर में चोट लगने के कारण वह दवा लेने मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। उनके मुताबिक, दर्द की शिकायत बताने के बाद उन्हें दो इंजेक्शन लगाए गए और इसके बाद वह बेहोश हो गए। पीड़ित का कहना है कि इलाज के बाद उन्हें होश तो आ गया, लेकिन उनकी तबीयत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है।
वर्षों से एक ही जगह पदस्थ होने पर भी उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर भूपेश गुप्ता और संगीता गुप्ता के लंबे समय से एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी पदस्थापना, विभागीय जिम्मेदारियों और कथित निजी प्रैक्टिस से जुड़े आरोपों की आधिकारिक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित मेडिकल स्टोर में लंबे समय से मरीजों को इंजेक्शन लगाने और ग्लूकोज चढ़ाने जैसी गतिविधियां होती रही हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और ड्रग विभाग से पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
CMHO बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पीएस मार्को ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि मेडिकल स्टोर की आड़ में नियमों के खिलाफ क्लिनिक संचालित किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मेडिकल स्टोर में उपचार की गतिविधियां किस स्तर तक संचालित की जा रही थीं और बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी।
