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अम्बिकापुर के गुदरी चौक पर श्री लक्ष्मी नारायण अस्पताल के अवैध निर्माण पर निगम का कड़ा रुख 15 दिन में अतिक्रमण न हटाने का अल्टीमेटम मगर अब तक नहीं हटा कब्जा
अम्बिकापुर। नगर पालिक निगम ने शहर के हृदय स्थल गुदरी चौक क्षेत्र में अवैध निर्माण के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की तैयारी पूर्ण कर ली है। निगम प्रशासन ने स्थानीय निवासी सुनीता खरे को उनके भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए अनधिकृत निर्माण को हटाने हेतु अंतिम आदेश जारी किया है। निगम ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर अवैध हिस्सा नहीं हटाया गया तो प्रशासन स्वयं बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त करेगा और इस संपूर्ण प्रक्रिया में होने वाला व्यय भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।
आदेश की लगातार हो रही अवहेलना
नगर पालिक निगम अम्बिकापुर के आदेश क्रमांक 9348 के अनुसार यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 के तहत की गई है। जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि भवन निर्माण के दौरान वर्ष 2000-2001 में प्रदत्त अनुमतियों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। निगम के पूर्व नोटिसों के बावजूद भवन स्वामी द्वारा अनधिकृत हिस्से को नहीं हटाना प्रशासन के आदेशों की खुली अवहेलना माना जा रहा है। भू तल प्रथम तल और द्वितीय तल पर निर्धारित क्षेत्रफल से कहीं अधिक निर्माण पाया गया है। इसके अतिरिक्त भवन निर्माण के अनिवार्य नियमों के तहत छोड़े जाने वाले खुले पार्श्व क्षेत्र और अपेक्षित 10 प्रतिशत खुले स्थान का भी प्रावधान नहीं रखा गया है।
मोहल्ले वासियों ने ज्ञापन सौंपकर की हटाने की मांग
इस अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मोहल्ले वासियों ने एकजुट होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल अवैध निर्माण को हटाने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि वर्तमान में इस भवन का उपयोग आवासीय से बदलकर लक्ष्मी नारायण अस्पताल के रूप में किया जा रहा है जिससे क्षेत्र की व्यवस्था चरमरा गई है। विजय मार्ग की चौड़ाई मात्र 20 फीट होने के कारण अस्पताल में मरीजों के आवागमन से दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। मोहल्ले वासियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि नियमों को दरकिनार कर सार्वजनिक अवकाश के दिन यहाँ निजी ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देश और निगम की जांच रिपोर्ट बनी आधार
इस प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय की रिट याचिका क्रमांक 4953/2025 का विशेष संदर्भ लिया गया है। न्यायालय के आदेशों के परिपालन में निगम की तकनीकी टीम ने 11 दिसंबर 2025 को स्थल निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि 15 मई 2023 को जारी प्रथम नोटिस के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। इसी रिपोर्ट के आधार पर निगम ने अब अंतिम आदेश पारित कर 15 दिनों की मोहलत दी है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बढ़ा खतरा
क्षेत्रीय नागरिकों ने अपनी शिकायत में पूर्व की घटनाओं का भी हवाला दिया है। पास के ही एक प्रिंटिंग प्रेस में शॉर्ट सर्किट से हुई भीषण आगजनी को देखते हुए घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में अस्पताल और ट्रांसफार्मर की उपस्थिति सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत खतरनाक बताई गई है। निगम ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि यदि समय सीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो धारा 308 क के तहत इसे गंभीर अपराध मानते हुए कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
