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बिलासपुर: नवजात की मौत से स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल, चार सदस्यीय टीम करेगी निष्पक्ष जांच
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपोलो अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के कथित मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के तुरंत बाद परिजनों की शिकायत और हंगामे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए मामले की तह तक जाने का फैसला किया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने शुक्रवार को चार सदस्यीय विशेषज्ञ जांच टीम का गठन किया। टीम अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार प्रक्रिया और परिजनों के बयानों की समीक्षा कर मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार, विनोबा नगर निवासी पीहू अग्रवाल बुधवार को प्रसव के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती हुई थीं। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान स्थिति बिगड़ने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने समय पर आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे नवजात की मौत हुई। परिजन कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
जांच टीम के अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता होंगे, जबकि सदस्य के रूप में डॉ. कृष्णा मित्तल, डॉ. रविन्द्र बागड़े और डॉ. सीबी मिश्रा शामिल हैं। सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार, टीम दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
इस मामले ने स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा प्रोटोकॉल की सख्ती पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
