छत्तीसगढ़ के चर्चित LPG स्कैम में पुलिस को बड़ी सफलता, फरार आरोपी आखिरकार गिरफ्तार, पुलिस ने कोल्हापुर होटल से दबोचा
महासमुंद। महासमुंद पुलिस को एलपीजी गैस हेराफेरी और कालाबाजारी के बड़े मामले में अहम सफलता मिली है। करीब 77 लाख रुपए की गैस गबन मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी कई महीनों से पुलिस से बचते हुए होटल में छिपकर रह रहे थे।
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों को देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी इनपुट, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले। इसी दौरान सूचना मिली कि दोनों आरोपी कोल्हापुर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर निवासी 57 वर्षीय संतोष सिंह ठाकुर और उसका पुत्र 27 वर्षीय सार्थक सिंह ठाकुर शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से नकद रकम भी बरामद की है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में जब्त किए गए छह एलपीजी कैप्सूल ट्रकों को प्रशासनिक निर्देशों के तहत उरला स्थित ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के सुपुर्द किया गया था। आरोप है कि इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से पांच ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस गायब कर दी गई। इस गैस की अनुमानित कीमत लगभग 77 लाख रुपए बताई जा रही है।
इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस पहले ही खाद्य विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव समेत कई नाम शामिल हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और कालाबाजारी से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
