8 साल बाद खिलाड़ियों का सपना होगा पूरा: 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी, GAD को भेजी जाएगी सूची
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने आठ वर्षों से अधिक समय से लंबित उत्कृष्ट खिलाड़ी चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने का निर्णय लिया है। अब इन खिलाड़ियों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजी जाएगी, जहां से उन्हें पात्रता के अनुरूप शासकीय सेवा में नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके निवास कार्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी दस्तावेजों, उपलब्धियों और पात्रता की गहन समीक्षा के बाद 156 खिलाड़ियों के चयन को अंतिम मंजूरी दी गई। अब यह प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा, जहां नियुक्ति संबंधी औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुई थी प्रक्रिया, लेकिन अधूरी रह गई
उल्लेखनीय है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। खेल विभाग ने आवेदन भी आमंत्रित किए थे, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों से चयन और घोषणा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते सैकड़ों खिलाड़ी वर्षों तक सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे रहे। इससे पहले वर्ष 2009 से 2014 के बीच कुल 181 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया था, जबकि वर्ष 2018 में केवल एक खिलाड़ी को यह सम्मान मिला। इसके बाद से यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई थी। अब राज्य सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से रुकी प्रक्रिया दोबारा पटरी पर लौटती दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने दिए पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और प्रोत्साहन आधारित होनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि चयनित खिलाड़ियों को केवल सरकारी नौकरी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिभा और अनुभव का उपयोग प्रदेश के खेल विकास में भी किया जाना चाहिए। ऐसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतिभा संवर्धन, कोचिंग और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन जैसे कार्यों से भी जोड़ा जाए, ताकि नई पीढ़ी को अनुभवी खिलाड़ियों का लाभ मिल सके।
खेल अधोसंरचना को मजबूत करने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, नई खेल अकादमियों की स्थापना, खेल अधोसंरचना का विकास तथा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को नौकरी देना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत खेल वातावरण तैयार करना है, जहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हों और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें।
783 आवेदन आए थे, कई खिलाड़ियों ने एक से अधिक बार किया आवेदन
खेल विभाग को वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने हेतु कुल 783 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें वर्ष 2018-19 में 344 तथा वर्ष 2019-20 में 439 आवेदन शामिल थे। जांच के दौरान पाया गया कि करीब 125 खिलाड़ियों ने दोनों वर्षों में अलग-अलग आवेदन किए थे, जबकि दो-तीन खिलाड़ियों ने तीन-तीन बार आवेदन जमा किए थे। डुप्लीकेट आवेदनों को हटाने के बाद 651 खिलाड़ियों के आवेदनों की विस्तृत स्क्रूटनी की गई। प्रारंभिक जांच में लगभग 200 खिलाड़ी पुराने नियमों के तहत पात्र पाए गए थे। सभी पात्रता मानकों, उपलब्धियों और नियमों की समीक्षा के बाद अंततः 156 खिलाड़ियों के नामों को अंतिम सूची में शामिल किया गया।
खिलाड़ियों के लिए दो प्रतिशत आरक्षण का मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार की खेल नीति के अनुसार राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित होने के बाद इन्हीं आरक्षित पदों के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और पात्रता के अनुसार विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जाएगी। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील सहित खेल विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि यह निर्णय न केवल खिलाड़ियों के लंबे इंतजार को समाप्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी नई प्रेरणा देगा।
