भैरमगढ़ में इंजीनियर पर फोनपे से रिश्वत लेने का आरोप, मामला खुलने पर सरपंचों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश
बीजापुर : जनपद पंचायत भैरमगढ़ में निर्माण कार्यों के बिल पास करने और मूल्यांकन के नाम पर कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। यहां पदस्थ इंजीनियर राकेश गंधर्व पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों और पंचायत प्रतिनिधियों से फोनपे के जरिए रिश्वत ली है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह रकम 48 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक है। जैसे ही यह मामला लोगों के बीच पहुंचा, इंजीनियर ने अपने बचाव के लिए सरपंचों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। अब इस पूरे प्रकरण को लेकर कई सरपंच और जनप्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं और जिला प्रशासन के सामने अपना बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
मूल्यांकन के नाम पर दबाव बनाकर वसूली
जनपद पंचायत क्षेत्र में होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का मूल्यांकन इंजीनियर द्वारा किया जाता है। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सरपंच पति रैनु पुंगटी, रमेश मिच्चा और सरपंच पेठा दिगंबर तेलम ने आरोप लगाया है कि इंजीनियर ने इसी मूल्यांकन प्रक्रिया का फायदा उठाया। भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए दबाव बनाकर कथित रूप से कमीशन लिया जाता था। उनका कहना है कि अलग-अलग निर्माण कार्यों से संबंधित लोगों से कुल मिलाकर लगभग दो लाख रुपये तक की वसूली की गई है। यह पूरी राशि ऑनलाइन माध्यम से ली गई है, जिसके सुबूत भी ग्रामीणों के पास मौजूद हैं।
बचाव के लिए कोरे कागज पर हस्ताक्षर का प्रयास
जब फोनपे के माध्यम से लिए गए पैसों की बात मीडिया में उजागर हुई, तो संबंधित अधिकारी बैकफुट पर आ गए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके बाद इंजीनियर ने अपने पक्ष में माहौल बनाने और खुद को बचाने की कवायद शुरू कर दी। इसी सिलसिले में उन्होंने सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत रानीबोदली के सरपंच पति के पास भी ऐसा ही प्रस्ताव लेकर पहुंचा गया था, जिसमें उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा गया ताकि बाद में मनमुताबिक दस्तावेज तैयार किए जा सकें और इस मामले को दबाया जा सके।
अधिकारियों को सौंपेंगे फोनपे के ट्रांजेक्शन साक्ष्य
कमीशन और कथित अवैध वसूली से परेशान ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे आने वाले दिनों में बीजापुर जिला प्रशासन, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय जाएंगे। वहां वे उपस्थित होकर अपना विस्तृत बयान दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही फोनपे से किए गए भुगतान के स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज जांच के लिए अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग रखी है l

ऑडियो रिकॉर्डिंग में कबूली कमीशन की बात
इस पूरे घटनाक्रम में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मीडिया के पास एक ऐसी रिकॉर्डेड बातचीत उपलब्ध है, जिसमें कथित तौर पर इंजीनियर की आवाज है। बताया जा रहा है कि जब पत्रकारों ने सवालों के जवाब मांगे, तो संबंधित इंजीनियर ने कथित रूप से ली गई राशि को 'कमीशन' के रूप में स्वीकार किया। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर सक्षम जांच एजेंसी द्वारा इस रिकॉर्डिंग की पुष्टि की जानी अभी बाकी है, लेकिन इस ऑडियो ने ग्रामीणों के आरोपों को और बल दे दिया है।
इंजीनियर ने साधी चुप्पी, सीईओ ने कहा- जांच होगी
इस मामले में जब राष्ट्रीय जगत विजन की तरफ से संबंधित इंजीनियर राकेश गंधर्व से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कुछ भी कहने से साफ़ इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि "इस विषय पर हमारे अधिकारी ही जवाब देंगे।"
वहीं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि उनके पास जैसे ही औपचारिक शिकायत प्राप्त होगी, इस मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। अधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
